मध्य प्रदेश में इस महीने की शुरुआत में नागपुर की भाजपा पदाधिकारी सना खान की हत्या की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने रविवार को कहा कि उन्हें पता चला है कि उन्हें कथित तौर पर उनके पति और अन्य लोगों द्वारा चलाए जा रहे सेक्सटॉर्शन रैकेट में शामिल किया गया था, जिन्होंने उन्हें हनी ट्रेप के रूप में इस्तेमाल किया था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके जरिए मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कई लोगों को निशाना बनाया और पीड़ितों को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये कमाए। सना खान की मां ने रविवार को नागपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उनकी बेटी को धमकी देकर सेक्सटॉर्शन रैकेट में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर सना खान के पति अमित उर्फ पप्पू साहू (37 वर्षी) और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सना की हत्या के सिलसिले में पुलिस साहू और दो अन्य को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सना खान (34 वर्षीय) नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्य प्रकोष्ठ की पदाधिकारी थी। अवस्थी नगर निवासी सना खान की मां मेहरुनिशा ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जब उनकी बेटी साहू से मिलने के लिए एक अग्सत को जबलपुर जाने के बाद लापता हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि साहू को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उसने पुलिस को बताया कि सना खान उसकी पत्नी थी और उसने पैसों और निजी मुद्दों को लेकर उसकी हत्या की और उसके शव को जबलपुर में एक नदी में फेंक दिया। उन्होंने कहा, सना की मां ने शिकायत दर्ज कराई की उनकी बेटी को साहू और अन्य द्वारा संचालित सेक्सटॉर्सन रैकेट में शमिल होने के लिए मजबूर किया गया। उसके बाद मनकापुर पुलिस ने साहू और उसके साथियों के खिलाफ नागपुर, जबलपुर और सिवनी का मामला दर्ज किया।
उन्होंने कहा,'हमारी प्रारंभिक जांच में हमने पाया कि साहू एक गिरोह का नेतृत्व कर रहा था जिसमें खान को हनी ट्रैप के रूप में इस्तेमाल किया गया था। यह गिरोह एक पुरुष को निशाना बनाता था और सना खान को उनके पास भेजता था। इसके बाद वह उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने लगी। इसके बाद वह आपत्तिजनक स्थिति में पीड़िता के वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड करती थी और ऐसे लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठती थी।'
अधिकारी ने कहा कि इस तरह रैकेट के सदस्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले प्रत्येक पीड़ित से लाखों रुपये की उगाही करते थे, जिसके माध्यम से वे करोड़ों रुपये कमाते थे। उन्होंने कहा कि सना खान मार्च 2021 में रैकेट का हिस्सा बन गई, जो उसकी मौत तक जारी रहा।
पुलिस अधिकारी ने कहा, मुख्य आरोपी साहू ने इस सेक्सटॉर्शन रैकेट के माध्यम से पर्याप्त संपत्ति अर्जित की। पुलिस ने साहू और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 384, 386 और 389 (सभी जबरन वसूली से संबंधित), 354 (डी) (पीछा करना), 120 (बी) (आपराधिक साजिश), और 34 (सामान्य इरादा) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।