ट्रेनों और स्टेशनों पर बेची जाने वाली कोल्ड ड्रिंग्स (मैंगो सिप) का नमूना जांच में फेल हो गया है। रेल प्रशासन ने मैंगो सिप की बिक्री पर रोक लगाते हुए सप्लाई करने वाले ठेकेदार पर 35 हजार और पेंट्रीकार संचालक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। रोक के बावजूद मैंगो सिप के बेचे जाने की शिकायत महाप्रबंधक से की गई है।
राप्तीसागर एक्सप्रेस में आठ नवंबर 2015 को रेलवे की स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैंगो शिप का नमूना लिया गया था। लैब रिपोर्ट में नमूना मानक के विपरीत पाया गया। इसमें कई हानिकारक तत्व पाए गए। जिसके बाद मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ (वाणिज्य) ने दो मई को अधिकारियों से ट्रेन और पेंट्रीकार में चेकिंग कराकर मैंगो सिप की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
पिछले दिनों रेलवे स्टेशन के खानपान स्टॉलों पर चेकिंग कराकर मैंगो सिप को अधिकारियों ने हटवाया था। हालांकि जटाशंकर के वीरेंद्र कुमार ने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर अब भी मैंगो सिप ट्रेनों में बेचे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि कोल्ड ड्रिंग्स की सप्लाई करने वाली फर्म ने दोबारा मैंगो सिप को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि मैंगो सिप का नमूना फेल मिलने के बाद रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कराकर स्टॉलों से इसे को हटवाया गया था। शिकायत है तो फिर चेकिंग कराई जाएगी।