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गुटका बेचते-बेचते बना दाऊद का गुर्गा: सलीम की गिरफ्तारी से ISI की कमाई पर चोट, भारत लाने की ताक में एजेंसियां

Mon, 27 Apr 2026 12:52 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सलीम डोला की इस्तांबुल में गिरफ्तारी ने भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। 5000 करोड़ के ड्रग कारोबार से जुड़े इस गिरोह पर आतंकी फंडिंग का भी आरोप है। भारत उसे यूएई के जरिए प्रत्यर्पित करने की तैयारी में है। यह कार्रवाई ड्रग और आतंक की फाइनेंसिंग जड़ें तोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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गिरफ्तारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुख्यात ड्रग तस्कर और भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को बीते दिनों तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया गया। ये गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क पर एक बड़े हमले के तौर पर है, जिसने पूरे ड्रग सिंडिकेट की नींव हिला दी है। करीब 5,000 करोड़ के नशे के साम्राज्य को चलाने वाला यह नेटवर्क न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर जहर फैलाने का आरोप झेल रहा था। यह गिरफ्तारी भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट और उससे जुड़े आतंकी फंडिंग तंत्र पर करारा प्रहार मानी जा रही है, जिससे अब काले धन और नशे के साम्राज्य की जड़ें हिल गई हैं।

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सूचना के अनुसार, लगभग 5,000 करोड़ रुपये के ड्रग कारोबार को चलाने वाले डोला को तुर्किये में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया। यह कार्रवाई वहां की खुफिया एजेंसी और पुलिस ने मिलकर की। अब भारत सरकार उसे देश लाने की तैयारी में जुट गई है। बड़ी बात ये है कि ये गिरफ्तारी केवल ड्रग सिंडिकेट पर हमला नहीं, बल्कि आतंकी संगठन आईएसआई की फंडिंग तंत्र पर भी हमला है। कैसे आइए समझते हैं।

पहले समझिए भारत लाने की तैयारी कैसी?
बता दें कि गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियां पहले उसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के जरिए भारत लाने की कोशिश करेंगी, क्योंकि डोला के पास यूएई पासपोर्ट बताया जा रहा है। भारत का तुर्किये के साथ प्रत्यर्पण समझौता नहीं है, इसलिए यह रास्ता अपनाया जा रहा है। डोला को इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर पकड़ा गया है, जो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर जारी हुई थी। वह मुंबई पुलिस के कई ड्रग मामलों में वांछित था।
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आतंकी संगठन के फंडिग पर बड़ा हमला
दूसरी ओर अधिकारियों के मुताबिक, डोला की गिरफ्तारी से ड्रग और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क को बड़ा नुकसान हुआ है। यह नेटवर्क भारत में मुंबई, गुजरात और दिल्ली तक फैला हुआ था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह नशे के कारोबार से कमाए पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में भी करता था। इसी नेटवर्क के जरिए पैसे आतंकी संगठन (आईएसआई) और अन्य संगठनों तक पहुंचते थे।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
हालांकि ये पहली बार नहीं है, इससे पहले पिछले साल डोला के बेटे ताहिर डोला को यूएई में पकड़ा गया था और बाद में उसे भारत लाया गया। इसके अलावा उसके करीबी साथी सलीम शेख को भी दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग नेटवर्क सिर्फ नशे का कारोबार नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद की फंडिंग का बड़ा स्रोत भी है। पाकिस्तान और म्यांमार से चल रहे कई नेटवर्क आतंकवादी और उग्रवादी समूहों को पैसा पहुंचाते हैं।
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डोला का बैकग्राउंड कैसे है?
गौरतलब है कि सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ था। वह बचपन से ही अंडरवर्ल्ड से जुड़ गया था और धीरे-धीरे ड्रग कारोबार में बड़ा नाम बन गया। वह पहले गुटखा और गांजा सप्लाई करता था, बाद में उसने सिंथेटिक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। कई बार गिरफ्तारी और जमानत के बाद वह विदेश भाग गया और वहीं से अपना नेटवर्क चलाता रहा। ऐसे में अब भारतीय एजेंसियां उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, ड्रग उत्पादन केंद्रों और विदेशी कनेक्शन की जानकारी जुटाने की कोशिश करेंगी। माना जा रहा है कि इससे पूरा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट कमजोर हो सकता है। कुल मिलाकर, यह गिरफ्तारी भारत के खिलाफ चल रहे नशा और आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

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