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PM Modi: प्रो. गोबर्धन दास से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीति आयोग के नए सदस्य के बारे में कही ये बात

Mon, 27 Apr 2026 12:49 PM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

 प्रो. गोबर्धन दास नीति आयोग के नए सदस्य नियुक्त हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे सोमवार को मुलाकात की। जानें उनके बारे में प्रधानमंत्री ने क्या कहा है? 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रोफेसर गोबर्धन दास - फोटो : एक्स (@narendramodi)
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रोफेसर गोबर्धन दास से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तिगत जीवन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि उनका समृद्ध कार्य और विद्वत्ता नीति निर्माण की संरचना को समृद्ध करेगी।

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व्यक्तिगत जीवन बेहद प्रेरणादायक
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आज सुबह प्रो. गोबरधन दास जी से मुलाकात हुई। उनका व्यक्तिगत जीवन बेहद प्रेरणादायक है। उनके सामने आने वाले हर संघर्ष ने समाज की सेवा करने और उसे कष्टों से मुक्त करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। यह उनके जन स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए योगदान में स्पष्ट रूप से झलकता है। उनका समृद्ध कार्य और विद्वत्ता हमारी नीति निर्माण संरचना को समृद्ध करेगी।’
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25 अप्रैल को, नीति आयोग के नव नियुक्त सदस्य गोबरधन दास ने राष्ट्रीय विकास और क्षेत्रीय पुनरुद्धार के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। इसमें उन्होंने 2047 तक एक विकसित भारत के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया था।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प
अपनी नियुक्ति के बाद आईएएनएस से बात करते हुए दास ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने देश के प्रमुख नीतिगत विचार-मंथन संस्थान में उन्हें यह भूमिका सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति न केवल उनके लिए बल्कि पूरे बंगाली समुदाय के लिए सम्मान की बात है और उन्होंने देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास करने का संकल्प लिया। दास के भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल पर केंद्रित था। श्री अरबिंदो, रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चटर्जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रसिद्ध वैज्ञानिक मेघनाद साहा जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों की विरासत का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल महान विचारकों और दूरदर्शी लोगों की भूमि है, जिसे अक्सर सोनार बांग्ला कहा जाता है।
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पश्चिम बंगाल पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य राज्य को 'सोनार बांग्ला' के रूप में उसकी पूर्व गौरवशाली स्थिति में बहाल करना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए पलायन को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, क्योंकि कई नागरिक बुनियादी सेवाओं और रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर जाने के लिए मजबूर हैं।दास ने कहा कि नीति आयोग के जनादेश का उपयोग इन विकासात्मक कमियों को दूर करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को वास्तव में आत्मनिर्भर और सक्षम वैश्विक शक्ति बनने के लिए, 'सबका साथ, सबका विकास' का सिद्धांत नीति निर्माण का आधार बना रहना चाहिए।



 

 

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