बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में अब एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। पहलवानों का कहना है कि वे सिंह खिलाफ अब सड़कों पर नहीं अदालत में लड़ेंगे।
रविवार को पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने ट्वीट किया, जो एक समान थे। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार ने सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने का आश्वासन दिया था, जो उन्होंने पूरा किया। मामले में पहलवानों के खिलाफ हम तब तक संघर्ष करेंगे, जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता। लेकिन अब यह लड़ाई हम अदालत में लड़ेंगे। सड़कों पर नहीं। सरकार ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, जिसका हम इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, ट्वीट करने के कुछ मिनट बाद ही विनेश और साक्षी ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अब कुछ दिनों के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाएंगी।
बताया क्यों शांत है पहलवान
सोशल मीडिया पर शनिवार को विनेश, साक्षी और बजरंग एक साथ लाइव आए थे। इस दौरान उन्होंने एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट देने के आईओए एड-हॉट पैनल के फैसले पर सवाल करने के लिए पूर्व पहलवान और भाजपा नेता योगेश्वर दत्त पर निशाना साधा था। दत्त अपने स्वार्थ के लिए हमें निशाना बना रहे हैं। चालिस मिनट चले लाइव के दौरान उन्होंने कहा कि लोग हमसे पूछते हैं कि हम चुप क्यों हैं। हम उन्हें बताना चाहेंगे कि 15 जून तक का समय दिया गया था। सिंह के खिलाफ दर्ज हुए आरोप पत्र के मूल्यांकन के बाद विचार करेंगे कि कैसे लड़ाई जारी रखें। सिंह के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। हम चाहे मैट पर लड़े या फिर मैट के बाहर लेकिन न्याय लेकर रहेंगे।
दत्त पर भी साधा निशाना
लाइव में उन्होंने कहा कि सिंह को जब तक पापों की सजा नहीं मिल जाती, तब तक हम संघर्ष करेंगे। हम आरोप पत्र के प्रति का इंतजार कर रहे हैं। आरोप पत्र का मूल्यांकन करेंगे कि क्या यह न्याय के लिए काफी है। हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। विनेश ने कहा कि दत्त ने पहलवानों को धमकाया है। इसलिए दूसरे विरोध प्रदर्शन में वे नहीं आए। उन्हें कहा गया कि वह अपनी नौकरी खो देंगे। दत्त पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लग रहा है कि बृजभूषण ने शायद उन्हें डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पद की पेशकश की हो। इसलिए सिर्फ कुर्सी की लालच में वे उनका साथ दे रहे हैं।
साक्षी मलिक खुद प्रचार में मदद के लिए आई थीं
योगेश्वर दत्त ने कहा था कि राजनीति में आने के बाद साक्षी मलिक खुद घर पर प्रचार में मदद के लिए आई थीं। उस समय भी इन्होंने यौन शोषण मामले से संबंधित कोई बात नहीं बताई। अगर कमेटी के सामने उस समय यह बात रख दी जाती तो इस मुद्दे का काफी समय पहले ही समाधान हो जाता। इन्होंने यह बात क्यों नहीं बताई, यह पहलवानों की कमी थी। योगेश्वर दत्त ने बताया कि वह अभी तक भारत में सिर्फ एक कुश्ती मुकाबला ही हारे हैं, वह भी चोट लगने के कारण। उनके विदेश में तीन ऑपरेशन हुए थे। इसके कारण वह ट्रायल में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। वर्ष 2016 ओलंपिक के बाद से ही कुश्ती से संन्यास ले लिया था ताकि जूनियर खिलाड़ी भी इसमें आगे आकर भारत के लिए मेडल लाएं।