रेल मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा, रेल पटरियों के दोहरीकरण और सुधार के बाद ही ट्रेन तय समय पर यात्रा पूरी कर सकेंगी। रेल मंत्री ने राज्यसभा को बताया कि ट्रैक की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए पटरियों की नई तकनीकी से वायरिंग का प्रस्ताव है, जो वाईफाई से जुड़ा होगा। कहीं भी पटरी टूटने या बाधा पर एक सिग्नल से फॉल्ट का पता चल जाएगा।
सपा सांसद नीरज शेखर के अनुपूरक सवाल पर रेल मंत्री ने बताया कि सभी रूट अत्यधिक व्यस्त हैं। रूट बढ़ाने और पुराने ट्रैक को बदलने से ही हल निकलेगा। नीरज ने मंत्री मनोज सिन्हा के साथ पिछले दिनों की गई रेल यात्रा का हवाला देकर तंज कसा कि जापान से बुलेट ट्रेन तो ला रहे हैं, लेकिन समय पर चलने की संस्कृति भी लाएं।
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सांसद रीताब्रत बनर्जी के सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि खाली पदों की संख्या 1.3 लाख है। तीन चार सालों में रेलवे में तकनीकी और इनोवेशन के चलते उतने पदों की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद 6 से 9 महीने में पचास फीसदी पद भरे जाएंगे। रेल मंत्री ने बताया कि दुर्घटनाओं में कमी आई है। पिछले साल अप्रैल से नवंबर के बीच 85 रेल दुर्घटनाएं हुईं, जबकि इस साल इस दौरान महज 49 दुर्घटनाएं हुई हैं।