गुजरात की सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बहुमत से काबिज होने के बाद रुपानी के कैबिनेट में उपेक्षा से राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल नाराज चल रहे हैं। जिसके बाद भाजपा नेता नरोत्तम पटेल उनके समर्थन में आए हैं।
उन्होंने शनिवार (30 दिसंबर) को अहमदाबाद में कहा कि नितिन भाई पटेल गुजरात के डिप्टी सीएम और काफी नेता हैं। मैं यहां उनसे मिलने के लिए आया क्योंकि मन चाहे विभाग न मिलने की वजह से वह खुश नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि पार्टी इस मुद्दे पर फिर से विचार करे। उन्होंने यह भी साफ किया कि नितिन पटेल ने इस्तीफा देने जैसी कोई बात नहीं कही है।
Nitinbhai Patel is Gujarat Deputy CM and a very able leader. Came here to meet him because of him being upset as he didn't get departments he wanted. I want the party to think over giving him departments of his choice: Narottam Patel,BJP in Ahmedabad pic.twitter.com/RQ3Y5bXYNO
— ANI (@ANI) December 30, 2017
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गौरतलब है कि नितिन पटेल के बागी तेवर के बाद विजय रूपाणी कैबिनेट में दरार पड़ती दिख रही है। सूत्रों की माने तो राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल वित्त मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय छिन जाने से नाराज चल रहे हैं और इसलिए उन्होंने यह धमकी दी है। ऐसी अटकलों के बाद पटेल आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल को अपने साथ आने का ऑफर दिया है। हार्दिक ने कहा कि नितिन पटेल अपने 10 विधायकों के साथ बीजेपी छोड़ने के लिए तैयार हैं तो वह कांग्रेस से उनके लिए अच्छे पद के लिए बात करेंगे। हार्दिक ने कहा कि अगर बीजेपी नितिन का सम्मान नहीं करती तो उन्हें यह पार्टी छोड़ देनी चाहिए।
नितिन पटेल ने अपना कार्यभार नहीं संभाला
नितिन पटेल
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बता दें कि कैबिनेट के कई मंत्री अपना कार्यभार संभाल चुके हैं, लेकिन नितिन पटेल ने अभी तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है। पाटीदार नेता नितिन पटेल इससे पहले भी राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे हैं, पर इस बार राजस्व, शहरी और वित्त मंत्रालय छिन जाने का मुद्दा उनके सम्मान तक पहुंच गया है। दरअसल, वित्त मंत्रालय नितिन पटेल के जूनियर सौरभ पटेल को दे दिया गया है और बाकी के दो मंत्रालय खुद सीएम विजय रूपाणी के पास हैं।
अब पटेल के पास मार्ग और मकान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, नर्मदा, कल्पसर और राजधानी परियोजना जैसे विभाग हैं। इससे नितिन पटेल नाराज बताए जा रहे हैं। नितिन पटेल के नाराज होने की अटकलें उस वक्त भी साफ होती दिखी जब कैबिनेट ही पहली मीटिंग पटेल की वजह से 4 घंटे लेट शुरू हुई। इतना ही नहीं पटेल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुप्पी साधे रहे। इतना ही नहीं नितिन पटेल ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है और वे अपनी पर्सनल गाड़ी से आना जाना कर रहे हैं।