कोरोना महामारी के मद्देनजर 21 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। साधु-संतों के अलावा 55 साल से कम उम्र के श्रद्धालुओं को ही यात्रा की इजाजत दी गई है। बच्चे और बुजुर्ग इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर सकेंगे।
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुताबिक, पवित्र यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना निगेटिव का प्रमाणपत्र साथ रखना होगा। जम्मू बेस कैंप में श्रद्धालुओं की कोरोना स्क्रीनिंग होगी। साधुओं को छोड़कर सभी तीर्थयात्रियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। इस साल तीर्थयात्री केवल उत्तरी कश्मीर के बालटाल मार्ग से होकर जा पाएंगे।
पहलगाम मार्ग से अनुमति नहीं दी जाएगी। एक दिन में दो हजार श्रद्धालु ही दर्शन कर सकेंगे। आमतौर पर अमरनाथ यात्रा 45 से 60 दिन तक चलती है। लेकिन इस बार 14 दिन की यात्रा में सिर्फ 28 हजार लोगों को ही दर्शन की अनुमति दी गई है।