मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे को वसूली के एक मामले में सोमवार को एस्प्लेनेड कोर्ट के सामने पेश किया गया था। यहां अदालत ने वाजे को छह नवंबर तक क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच ने अदालत से वाजे को 10 दिन के लिए हिरासत में भेजने की मांग की थी। वाजे के खिलाफ यह मामला उपनगरीय गोरेगांव में दर्ज है।
इस मामले में एक विशेष अदालत ने पिछले सप्ताह मुंबई पुलिस को सचिन वाजे को हिरासत में लेने की अनुमति दे दी थी, जिसे इस मामले में पूछताछ करने के लिए नवी मुंबई की तलोजा जेल में रखा गया था। महाराष्ट्र की सियासत और मुंबई पुलिस में हलचल मचा देने वाले वसूली के इस मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह भी एक आरोपी हैं।
गोरेगांव पुलिस थाने में दर्ज वसूली के मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने विशेष अदालत से वाजे को हिरासत में भेजने की मांग की थी। इसने तर्क दिया था कि मामले की आगे की जांच के लिए सचिन वाजे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जानी जरूरी है। यह मामला बिल्डर और होटल व्यवसायी बिमल अग्रवाल की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
इसी साल मार्च में हुई थी वाजे की गिरफ्तारी
49 वर्षीय वाजे को प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर एक गाड़ी में कुछ विस्फोटक पदार्थ मिलने के मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के सिलसिले में इस साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। वाजे को एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने गिरफ्तार किया था और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।