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सियासी पिच पर पहली पारी में क्लीन बोल्ड हुए क्रिकेटर श्रीसंत तो फिर गोल से चूके भूटिया

Thu, 19 May 2016 06:52 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
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क्रिकेट के मैदान पर हमेशा विवादों से नाता रखने वाले भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर एस श्रीसंत शायद सियासत की गुगली नहीं समझ पाए और अपनी पहली ही पारी में क्लीन बोल्ड हो गए। श्रीसंत ने भाजपा के टिकट से केरल के विधानसभा चुनावों में अपनी दूसरी और सियासत की पहली पारी की शुरुआत की। श्रीसंत ने केरल के तिरुवनंतपुरम सीट से भाजपा के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ा।
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यहां उनका मुकाबला कांग्रेस नेता वीएस शिवकुमार से रहा। शिवकुमार तिरुवनंतपुरम से सांसद व पिछली सरकार में स्वास्‍थ्य मंत्री रहे हैं। श्रीसंत को हार का मुंह देखना पड़ा। वोट के हिसाब से श्रीसंत केरल के तिरुवनंतपुरम सीट से तीसरे स्‍थान पर रहे।


किक्रेट के मैदान पर मुश्‍किल हुई वापसी
श्रीसंत ने वर्ष 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उनका क्रिकेट कैरियर अभी बुलंदियों पर ही था कि 16 मई वर्ष 2013 मं आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत को और राजस्थान रॉयल्स टीम के दो अन्य खिलाडियों, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को मुंबई से गिरफ्तार किया।
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बाद में उन्हें जमानत मिल गई।पुलिस के मुताबिक 17 मई 2013 को श्रीसंत ने स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होना कबूल किया। हालांकि बाद में श्रीसंत पर लगे आरोप हटा दिए गए, लेकिन बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।


सियासत में गोल से चूके बाइचुंग भूटिया
पं बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने दोबारा शानदार वापसी की लेकिन टीएमसी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया सियासत के मैदान में गोल करने से चूक गए, और नतीजतन भूटिया को हार का सामना करना पड़ा। बाईचुंग भूटिया सिलिगुड़ी सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव मैदान थे। वाममोर्चा के अशोक भट्टाचार्य ने भूटिया को यहां करारी शिकस्त दी।


भूटिया दोनों बार नहीं कर पाए कोई भी गोल
बाईचुंग ने भारत को अंतरराष्ट्रीय फुटबाल में पहचान दिलाई। फुटबॉल के मैदान में विपक्षी खिलाड़ी उन्हें विज किड, क्राइसिस मैन, वंडर किड और स्कॉरपियन के नाम से जानते थे। कभी फुटबाल के मैदान पर अपने गोल के जरिए जलवे दिखाने वाले भूटिया राजनीति के मैदान पर अब तक कोई भी गोल नहीं कर पाए हैं।

वर्ष 2011 में फुटबाल से रिटायर होने के बाद बाईचुंग भूटिया ने वर्ष 2014 में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और राजनीति में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की। भूटिया ने दार्जिलिंग लोकसभा सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं हुई।

अब 2016 में पं बंगाल के विधानसभा चुनाव में भूटिया ने एक बार फिर सिलिगुड़ी से चुनाव मैदान में किस्मत आजमाई लेकिन दूसरी बार भी वे सियासत के मैदान में कोई गोल नहीं कर पाए।ममता की लहर में टीएमसी को जबर्दस्त जीत हासिल हुई है, लेकिन भूटिया को हार का सामना करना पड़ा है।
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