रूस ने कोचीन बंदरगाह पर रूसी मालवाहक जहाज को रोके जाने के संबंध में बयान जारी किया है। रूसी दूतावास ने कहा है कि भारत में कोचीन के भारतीय बंदरगाह में रूसी मालवाहक जहाज के बंद होने की उसे जानकारी है, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए सैन्य साजो-सामान पहुंचाया गया था। केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को इस जहाज को रोकने का आदेश दिया था जिस पर एस्टोनियाई कंपनी का भारी भरकम ईंधन बिल (1.87 करोड़ रुपये) बकाया है।
रूसी दूतावास ने कहा, शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाइयां एस्टोनियाई तट सेवा कंपनी बंकर पार्टनर ओयू के दावे से जुड़ी हैं, जिसमें दावा किया गया था कि जहाज के मालिकों पर कथित तौर पर कर्ज था। हम यह बताना चाहेंगे कि अदालत ने माल उतारने की अनुमति दी है, क्योंकि इसका मुकदमे से कोई लेना-देना नहीं है। चेन्नई में रूसी महावाणिज्य दूतावास इस पर नजर रखे हुए है।
रूसी दूतावास ने कहा कि हमने भारतीय विदेश मंत्रालय को घटना की परिस्थितियों के संबंध में एक आधिकारिक अनुरोध भेजा है। हमने मंत्रालय से रूसी जहाज मालिकों और चालक दल के अधिकारों का बिना शर्त पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी कहा है।