फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

बूचा में रूस का नरसंहार: अमर उजाला से बातचीत में छलका लोगों का दर्द, दास्तां सुन कर कांप उठेगी रुह

आशीष तिवारी
Updated Wed, 06 Apr 2022 08:08 PM IST

सार

अमर उजाला डॉट कॉम ने जब कीव और बूचा के बचे लोगों से बात की, तो उनकी आवाज में लगातार सिसकियां थीं। वे बोले- बच्चे तो घर पर ही थे, अब किसी का कुछ नहीं पता...मार दिया होगा रूसी सैनिकों ने...
विज्ञापन
विज्ञापन
Russia Ukraine Crisis - फोटो : Amar Ujala


वह कहते हैं कि उस रोज तो उनके परिवार वालों से बात हुई, लेकिन उसके बाद से लेकर आज तक उनकी घर वालों से कोई बात नहीं हो सकी। फोन पर वार्तालाप के दौरान वह कहते हैं, जो तस्वीरें आज पूरी दुनिया में दिख रही है उसका अंदेशा तो पहले दिन से ही हम लोगों को हो गया था। वह बताते हैं जितनी तस्वीरें आप देखकर रूस की दरिंदगी का अंदाजा लगा रहे हैं, उससे कई गुना ज्यादा हालात यहां बदतर हैं।

पति और बच्चे को सैनिकों ने मारा

ओलेंस्की के साथ रेस्तरां में काम करने वाले साउथ इंडिया के एन मुरलीधर भी थे। क्योंकि मुरलीधर के एक भाई पोलैंड में पहले से शिफ्ट हो चुके हैं। इसलिए ऐसे हालात में मुरलीधर वापस पोलैंड चले गए और अपने साथ ओलेंस्की को भी ले गए। ताकि वे सुरक्षित रहें। ओलेंस्की से फोन पर पोलैंड से हो रही बातचीत के दौरान बूचा के कुछ और लोगों से भी बात कराई। हीवेन ओकरेयो भी बूचा की रहने वाली हैं। वह बताती हैं कि उनके पति और बच्चे की सैनिकों ने हत्या कर दी। उनके पति एक बैंक में काम करते थे। जबकि बच्चा स्कूल जाना शुरू कर चुका था। हीवेन बताती हैं कि हालात तो बहुत दिनों से कीव और बूचा के बदहाल थे, लेकिन जिस तरीके से सैनिकों ने ताबड़तोड़ हमले करने शुरू किए, उससे उनके शहर के लोगों का बचना संभव ही नहीं है। वह कहती हैं कि वे अपनी एक बेटी को लेकर पोलैंड चली आई हैं, लेकिन अब उनके परिवार में कोई भी शख्स जिंदा नहीं बचा है।

हीरो हैं जेलेंस्की

यूक्रेन के लोगों से बातचीत के दौरान लोगों ने खुल कर कहा कि भले ही उनके राष्ट्रपति एक कॉमेडियन रहे हों, लेकिन आज वह अपने देश के सबसे बड़े हीरो बनकर सामने आए हैं। यूक्रेन के मारियोपोल में टैक्सी ड्राइवर ट्रोकहिम बारबैश कहते हैं कि रूस ने जिस तरीके की कायराना हरकत की है, उसे दुनिया माफ नहीं करेगी। वह कहते हैं कि मारियोपोल से लेकर कीव और बूचा समेत उत्तर और उत्तर पूर्वी इलाके में जो तबाही रूस ने मचाई है उसका तो हिसाब किताब हो कर ही रहेगा। बारबैश कहते हैं कि उनके साथ तो उनका परिवार है लेकिन उनके बाकी रिश्तेदार और दोस्तों का कुछ पता नहीं है। न किसी का फ़ोन मिल रहा है और न ही किसी से बात हो पा रही है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next