फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एस-400 मिसाइल डील: रूसी राजदूत ने कहा, दोनों देश सौदे को लेकर प्रतिबद्ध

Wed, 14 Apr 2021 05:11 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली

सार

रूसी राजदूत निकोलाई कुदाशेव ने कहा कि विश्व व्यवस्था को एकतरफा कदमों, अवैध प्रतिबंधों, दोहरे मानदंडों और संप्रभु देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप से मुक्त रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'ऐसे मामलों में एकतरफा कार्रवाई के स्थान पर सामूहिक अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित समाधान को लागू किया जाना चाहिए।' बता दें कि भारत ने रूस के साथ पांच एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए पांच अरब डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
विज्ञापन
एस-400 मिसाइल - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूसी राजदूत निकोलाई कुदाशेव ने बुधवार को कहा कि रूस और भारत एस-400 मिसाइल सौदे को लेकर समयसीमा और अन्य इकरारनामा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आशंकाएं जताई जा रही हैं कि इस हथियार प्रणाली की खरीद को लेकर भारत के खिलाफ अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस द्विपक्षीय प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देते हैं क्योंकि ये गैर कानूनी व अनुचित प्रतिस्पर्धा और दबाव के अवैध माध्यम हैं ।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि पिछले महीने अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि रूस के साथ एस-400 मिसाइल प्रणाली के सौदे को लेकर भारत के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावना के बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनकी कोई चर्चा नहीं हुई। इसके साथ ही, अमेरिका रक्षा मंत्री आस्टिन ने अमेरिका के सभी सहयोगियों से आपील की थी कि वे ऐसी रूसी हथियार प्रणाली नहीं खरीदें जिसके चलते अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हों।

इस बीच, रूसी राजदूत कुदाशेव ने कहा, 'भारत सहित हम द्विपक्षीय प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देते हैं क्योंकि वे क्योंकि ये गैरकानूनी और अनुचित प्रतिस्पर्धा का अवैध माध्यम हैं या मैं कहूं कि दबाव और यहां तक कि ब्लैकमेल का जरिया हैं ।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में यह साफ तौर पर कहा गया। उन्होंने कहा, 'एस-400 मिसाइल और व्यापक समझौते पर दोनों पक्ष समयसीमा और इकरारनामा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। इसे सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।'
विज्ञापन


अमेरिका ने लगाया था तुर्की पर प्रतिबंध
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने को लेकर अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी विरोध प्रतिबंध अधिनियम (सीएएटीएसए) के तहत तुर्की पर प्रतिबंध लगा दिया था। उल्लेखनीय है कि आस्टिन की भारत की उच्च स्तरीय यात्रा से पहले अमेरिकी सीनेट के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष और सीनेटर राबर्ट मेनेंडिज ने अपने पत्र में अमेरिकी रक्षा मंत्री से एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद के विषय को नयी दिल्ली के समक्ष उठाने का आग्रह किया था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें