जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और वहां के सफलतम क्रिकेटरों में से एक हीथ स्ट्रीक पर आईसीसी ने आठ साल का बैन लगा दिया है। हीथ स्ट्रीक पर भ्रष्टाचार के आरोप थे जिसे उन्होंने खुद स्वीकार कर लिया। इसके बाद नियमों के उल्लंघन के लिए आईसीसी ने उनपर ये कार्रवाई की है। स्ट्रीक ने माना है कि उन्होंने आईसीसी एंटी करप्शन कोड के पांच नियमों का उल्लंघन किया।
जिम्बाब्वे के महान गेंदबाजों में से एक 47 वर्षीय हीथ स्ट्रीक साल 2017 और 2018 के बीच हुए कई मुकाबलों को लेकर शक के घेरे में थे। बतौर कोच उनपर कई मुकाबलों में भ्रष्टाचार रोधी संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा था। इन मुकाबलों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, आईपीएल, बांग्लादेश प्रीमियर लीग और अफगानिस्तान प्रीमियर लीग के मैच भी शामिल हैं।
हीथ स्ट्रीक ने खुद पर लगे आरोपों के खिलाफ अपील भी की थी लेकिन आखिरकार उन्होंने अपनी गलती मान ली, जिसके बाद अब वह आठ सालों तक क्रिकेट की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हो पाएंगे।
बात करें स्ट्रीक के करियर की तो उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए 65 टेस्ट और 189 वनडे मैच खेले। इस दौरान दाएं हाथ के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर ने 216 टेस्ट और 239 वनडे विकेट हासिल किए। यही नहीं स्ट्रीक ने टेस्ट में 1990 तो वनडे में 2942 रन भी बनाए। उन्होंने 2005 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया और इंग्लैंड के वॉरविकशर क्रिकेट क्लब के कप्तान बन गए।
स्ट्रीक बतौर कोच भी काफी सक्रिय रहे। उन्होंने अलग-अलग टीमों को कोचिंग दी। वह जिम्बाब्वे क्रिकेट के भी कोच रहे और 2018 में आईपीएल की फ्रैंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजी कोच रहे।