धरने की वजह क्या?
दरअसल, भाजपा नेता बांसद्रोणी में हुई सड़क दुर्घटना को लेकर नाराज थीं। उन्होंने मामले को लेकर पुलिस की हिलावली के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। रूपा गांगुली का कहना था कि जब तक पुलिस आरोपियों को हिरासत में नहीं लेती, वो थाने के सामने धरना देती रहेंगी। पुलिस ने उन्हें समझाने का भी भरकस प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुईं।
क्या है मामला?
दरअसल, बुधवार सुबह कोलकाता नगर निगम के 113 नंबर वार्ड के निवासी एक नौवीं कक्षा का छात्र कोचिंग सेंटर जा रहा था। उस सेंटर के पास सड़क मरम्मत का काम चल रहा था। वहां एक जेसीबी ने उस छात्र को कुचल दिया। छात्र को गंभीर चोट लगी थी। रक्तरंजित अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
इस घटना के बाद बांसद्रोणी में माहौल तनावपूर्ण हो गए। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि छात्र की मौत के बाद से स्थानीय काउंसिलर अनिता मजूमदार का कोई पता नहीं चला। सड़क की खराब स्थिति को लेकर गुस्सा बढ़ गया था। लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। पाटुली थाने के ओसी को रोककर प्रदर्शन किया गया। बाद में कोलकाता पुलिस के सहायक आयुक्त प्रदीप घोषाल भी प्रदर्शन के सामने आए। शाम को कोलकाता पुलिस के डीसी (दक्षिण उपनगर) विदिशा कलिता दासगुप्ता घटना स्थल पर पहुंची, तो धरपकड़ शुरू हुई।