ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को विपक्षी बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने राज्य में जाति जनगणना की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिसके कारण कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सुबह 10.30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजद और कांग्रेस के सदस्य जाति जनगणना की मांग करते हुए नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए।
विपक्ष ने आरक्षण की भी मांग की
इस दौरान विपक्ष ने तकनीकी और चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश में कई श्रेणियों के लिए आनुपातिक आरक्षण की भी मांग की। इस हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति और बीजद सदस्य अधिराज पाणिग्रही ने कुछ अन्य विधायकों के साथ अध्यक्ष के आसन पर चढ़ने की कोशिश की और कुर्सी से आदेश की मांग की। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। वहीं इस हंगामे के कारण अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी को कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आखिर में गतिरोध को खत्म करने के लिए उन्होंने बाद में सर्वदलीय बैठक बुलाई।
10 वर्षों में करीब सात हजार शिकारी गिरफ्तार
वहीं वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने मंगलवार को ओडिशा विधानसभा को बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान 2,869 वन्यजीवों की हत्या और तस्करी के लिए 6,900 से अधिक शिकारियों को गिरफ्तार किया गया।
शिकारियों से जानवरों के तमाम अंग बरामद
कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति के प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने पिछले 10 वर्षों के दौरान 6,960 शिकारियों को गिरफ्तार किया है और उनसे बाघों, हिरण, सांभर और अन्य वन्य जीवों की खाल, नाखून और सींग, हाथी दांत और पैंगोलिन समेत जंगली जानवरों के शरीरों के अंग बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि जब्त हाथी दांत को राज्य सरकार के खजाने में रखा गया है, जबकि अन्य बरामद किए गए सामानों को वन रेंज कार्यालयों में सुरक्षित रखा गया है।
राज्य सरकार ने किया ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन
मामले में मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने वन्य जीव शिकार के मामलों की जांच करने तथा आवश्यक कदम उठाने के लिए वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों का एक संयुक्त कार्य बल का गठन किया है।