नागरिकता बिल की आंच देश से बाहर तक पहुंचने से सरकार चिंतित है। हालात से निपटने के लिए सरकार ने प्रमुख देशों में स्थित अपने मिशनों को अपने अपने यहां कूटनीतिक संवाद शुरू करने के लिए अलर्ट किया है। सरकार की योजना मिशनों के माध्यम से नाराज देशों को इस बिल की प्रासंगिकता के बारे में संतुष्ट करने की है।
गौरतलब है कि इस बिल के कारण बांग्लादेश के दो मंत्रियों के बाद अब जापान के पीएम शिंजो आबे को अपनी भारत यात्रा टालनी पड़ी है। इसकेअलावा ईयू, अमेरिका सहित कई संगठनों ने मानवाधिकार और समानता के अधिकार को ले कर अपनी चिंता व्यक्त की है।
सरकार पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को ले कर चिंतित नहीं थी। इसी बीच बांग्लोदश के मंत्रियों का अपना भारत दौरा टालने से सरकार हरकत में आई। फिर पाकिस्तान की ओर से मुस्लिम देशों को इस बिल के खिलाफ एकजुट करने की कूटनीति की भनक लगते ही भारत ने जवाबी मोर्चो खोलने का निर्णय लिया।
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इससे जुड़े सभी मिशनों को हालात संभालने और संवाद करने के निर्देश दिये गए हैं। जल्द ही विदेश मंत्री और सरकार की ओर से कई देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों को बिल की जरूरत के संदर्भ में संतुष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।