यूपी चुनाव में कांग्रेस के ‘ब्राह्मण कार्ड’ से भाजपा पसोपेश में है। कांग्रेस ने शीला दीक्षित को यूपी विधानसभा चुनाव में सीएम कैंडिडेट बनाकर बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस का चुनावी प्रबंधन संभाल रहे प्रशांत किशोर की इस चाल का जवाब फिलहाल भगवा ब्रिगेड के पास नहीं है। ऐसे में संघ ने भाजपा को सीएम कैंडिडेट के रूप में गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ का नाम सुझाया है।
इसके पीछे संघ का तर्क है कि चुनाव में भाजपा को महंत की कट्टर हिंदूवादी छवि का पूरा लाभ मिलेगा। हालांकि सीएम कैंडिडेट के लिए भगवा खेमे में दो लोगों महंत आदित्यनाथ और वरुण गांधी के नाम पिछले पांच-छह महीने से जोरशोर से चल रहे हैं।
भाजपा सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों इलाहाबाद में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीएम कैंडिडेट के नाम पर चर्चा होनी थी मगर शीर्ष नेतृत्व ने उस वक्त यह कहकर चर्चा से इनकार कर दिया कि सीएम कैंडिडेट का फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।