राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने शुक्रवार को कहा, हिंदुत्व न तो वाम है और न ही दक्षिण पंथ से जुड़ा। इसका मूल तत्व आंतरिक मानवता है। राम माधव की किताब का विमोचन करते हुए होसबले ने कहा, राष्ट्र के दीर्घायु होने के लिए सांस्कृतिक एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बेहद जरूरी है। राष्ट्रों का कोई भी जबरन विभाजन या एकीकरण अधिक समय तक कायम नहीं रहता।
होसबले ने कहा, विश्व वाम पंथ की ओर गया या उसे ढकेला गया, लेकिन अब पूरी दुनिया दक्षिणपंथ का रुख कर रही है ताकि वह केंद्र में आ सके। यही हिंदुत्व है, न वाम और न ही दक्षिणपंथ। उन्होंने कहा, हमने कभी अपने शिविरों में नहीं कहा कि हम दक्षिणपंथी हैं। हमारे कई विचार वामपंथी भी हैं। दोनों ही पंथों के विचारों के लिए हमारे यहां जगह है और यही मानवीय अनुभव है।
उन्होंने कहा, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के युग के बाद पूर्व और पश्चिम का भौगोलिक या राजनीतिक विभाजन धुंधला हो गया है। उपनिवेशवाद के असर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, यह आज भी मौजूद है। सीजेआई ने भी इसका जिक्र करते हुए हाल में कहा था कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था देश के लिए फिट नहीं है।