कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सरकार ने नहीं दी थी अनुमति
आरएसएस ने पिछले साल दो अक्तूबर मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी। लेकिन राज्य की द्रमुक सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) व उसके कई सहयोगी ग्रुपों पर बैन लगाए जाने के बीच कानून और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी थी।
शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तों के साथ मार्च निकालने पर दी सहमति
शीर्ष अदालत ने 11 अप्रैल को राज्य की तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके साथ अदालत ने अपने आदेश में आरएसएस को राज्य के कई इलाकों में कुछ शर्तों के साथ मार्च निकालने पर अपनी सहमति दे दी। पिछले 27 मार्च को सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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