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RSS: आरएसएस प्रमुख ने भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप वाली प्रतिमा का किया अनावरण, कहा- भारत की संस्कृति में गीता

Thu, 30 Jun 2022 08:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र

सार

ज्योतिसर की पवित्र भूमि पर शंख बजाने और मंत्रों के उच्चारण के बीच 40 फुट से अधिक ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप वाली प्रतिमा का अनावरण आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने किया। इस मौके पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, सीएम खट्टर और गीता ज्ञान संस्थान के अध्यक्ष गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थिति रहे। 
 
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुरुवार को गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर में भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप वाली प्रतिमा का अनावरण किया गया। 40 फीट ऊंची इस प्रतिमा का अनावरण हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में किया गया। गौरतलब है कि भगवान कृष्ण की विराट स्वरूप वाली प्रतिमा का वजन लगभग 35 टन है। इसे चार प्रकार की धातुओं से मिलाकर बनाया गया है। इसमें 85 प्रतिशत तांबे और 15 प्रतिशत अन्य धातुओं का मिश्रण किया गया है। इस कार्यक्रम को लेकर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस विशाल रूप में भगवान कृष्ण के नौ रूपों को दर्शाया गया है।

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 इस मौके पर 'भगवद गीता की वर्तमान प्रासंगिकता' विषय पर ब्रह्मसरोवर में स्थित गीता ज्ञान संस्थानम में एक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। इसमें संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राज्यपाल ने ठीक ही बताया कि गीता एक समुदाय या संप्रदाय से संबंधित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता का सार देती है। 

उन्होंने आगे कहा कि पवित्र ग्रंथ के इस ज्ञान के कारण कुरुक्षेत्र महाभारत की भूमि होने के साथ-साथ दुनिया में गीता की भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज हर जगह कट्टरता दिखाई दे रही है। लोगों का एक दूसरे पर से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच युद्ध देखे जा रहे हैं। हालांकि भारत में ऐसा कम ही देखने को मिलता है, क्योंकि देश की संस्कृति में गीता है। जब तक मानव जाति है, गीता प्रासंगिक रहेगी।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गीता के संदेश पर बोलते हुए कहा कि गीता हमें सिखाती है कि समस्याओं का सामना कैसे किया जाए। हमें समस्याओं से दूर नहीं भागना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्मांड की समस्याओं का समाधान और मानवता की समस्याओं का समाधान और कभी न खत्म होने वाले सुख का ज्ञान गीता में है। 

गौरतलब है कि कृष्णा सर्किट परियोजना की पहली साइट ज्योतिसर के नवीनीकरण के पहले चरण के तहत "विराट स्वरूप" प्रतिमा का अनावरण किया गया था। इसके अलावा ज्योतिसर में 'अनुभव केंद्र' के नाम से एक केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अगले साल तैयार होने की संभावना है। इसे पांच भवनों में बांटा जाएगा। पहले भवन में महाभारत के युद्ध से पहले की घटनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

हरियाणा पर्यटन विभाग की वेबसाइट के अनुसार, गीता का जन्म स्थान ज्योतिसर कुरुक्षेत्र का सबसे पूजनीय तीर्थस्थल है। ऐसा माना जाता है कि महाभारत का युद्ध ज्योतिसर से शुरू हुआ था। यहीं पर भ्रमित अर्जुन को युद्ध की पूर्व संध्या पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का शाश्वत संदेश प्रदान किया था।  इस अवसर पर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवर पाल भी मौजूद थे।

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