आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत के हर व्यक्ति में जो भारत की आत्मा काम करती है वो हमको बनना है। भारत का एक मन, भारत की एक बुद्धि और भारत की एक आत्मा है, भारत का आत्मस्वरूप सत्य है। भारत बना ही सत्य के साक्षात्कार से है। भागवत ने देशवासियों को मांसाहार (नॉनवेज) नहीं करने की सलाह भी दी और इसकी वजह भी बताई।
एएनआई के अनुसार भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा कि लोगों को तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए, उन्होंने कहा कि अगर आप गलत खाना खाते हैं, तो आप गलत रास्ते पर जा सकते हैं, इसलिए तामसिक भोजन न करें। पश्चिम से तुलना करते हुए भागवत ने कहा कि भारत में जो लोग मीट या मछली खाते हैं, वे हफ्ते के कुछ दिन अपनी दैनिक खाने की आदतों को छोड़ देते हैं। ऐसे लोग सावन के महीने में या किसी दिन जैसे सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को मांस नहीं खाते। वे खुद पर कुछ नियम बनाते हैं। लोगों को नॉन वेज खाते वक्त अनुशासन रखना चाहिए, ताकि उनका मन एकाग्र हो सके।
तमिलनाडु सरकार ने संघ को पथ संचलन की इजाजत नहीं दी
इस बीच तमिलनाडु सरकार ने संघ को राज्य में दो मार्च को पथ संचलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (वीसीके) के जवाबी प्रदर्शन की योजना को भी मंजूरी नहीं दी गई है। इसे लेकर संघ ने गृह सचिव सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। संघ ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया है। इससे एक दिन पहले उसने मामले पर उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था।