रॉबर्ट वाड्रा-प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)
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गांधी परिवार के दामाद व कांग्रेस कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने अब देश की सियासत में कदम रखने व चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उन्हें पंचिंग बैग समझ लिया है। जब भी वह संकट में होती है तो उन्हें निशाना बनाया जाता है।
बता दें, बेनामी संपत्ति मामले में वाड्रा देश की कर एजेंसियों के निशाने पर हैं। उनसे आयकर व अन्य जांच एजेंसियां पूछताछ करती रहती हैं। अब तक वाड्रा गांधी परिवार में पर्दे के पीछे से सक्रिय रहते है, भले प्रियंका के चुनाव प्रचार का मामला हो या राहुल गांधी का। वह अमेठी व रायबरेली में राहुल व सोनिया गांधी के चुनाव में भी सक्रिय रहे थे।
गांधी परिवार की तारीफ, बोले-पीढ़ियों से कर रहा देश सेवा
एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में अपनी सियासी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए वाड्रा ने कहा कि वह ऐसे परिवार से हैं, जिसने कई पीढ़ियों से देशसेवा की है। इस परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी है। यही ताकत है, जिसके दम पर वह संसद तक पहुंचना चाहते हैं।
परिवार की सहमति के बाद लेंगे फैसला
रीयल एस्टेट कारोबार से जुड़े होने से हमेशा चर्चा में रहे वाड्रा ने स्पष्ट किया कि वह परिवार में सहमति बनने के बाद ही चुनावी राजनीति करेंगे। ऐसे क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, जहां से जीत की संभावना हो। बेनामी संपत्ति को लेकर सरकारी एजेंसियों के निशाने पर चल रहे गांधी परिवार के दामाद ने यह भी कहा कि उनके पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं है। इन बातों का कोई आधार नहीं है। असल मुद्दों से भटकाने के लिए ये मामले उठाए जाते हैं और सरकार जब भी परेशानी में होती है तो उन्हें निशाना बनाया जाता है।
वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी के पास कांग्रेस का नेतृत्व करने की क्षमता है। अगर पार्टी को लगता है कि उनमें संभावना है तो वह उन्हें अध्यक्ष चुन लेगी। वाड्रा ने कहा कि प्रियंका अपना काम ईमानदारी से कर रही हैं।