उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर बुधवार देर रात घलौली चेकपोस्ट और रोहाना टोल प्लाजा के पास एक रोडवेज बस ने पैदल जा रहे मजदूरों को कुचल दिया। इस हादसे में छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो घायलों को मेरठ रेफर किया गया। सभी मजदूर पंजाब से पैदल लौट रहे थे। मृतक और घायल मजदूर बिहार प्रांत के जनपद गोपालगंज के थे।
बिहार में दो मजदूरों की मौत, 12 घायल
बिहार के समस्तीपुर के शंकर चौक में गुरुवार सुबह बस और ट्रक के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि 12 घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस मुजफ्फरपुर से कटिहार जा रही थी और इसमें 32 प्रवासी मजदूर मौजूद थे।
तेलंगाना में चार मजदूरों की मौत
तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से झारखंड के गढ़वा लौट रहे 21 मजदूर 12 मई को सड़क हादसे का शिकार हो गए। इनमें से चार मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और 17 घायल हो गए। मृतकों में से तीन गढ़वा जिले के थे, जबकि एक यूपी का रहने वाला था।
घायल मजदूरों ने बताया कि 21 मजदूर 11 मई को पैदल गढ़वा के लिए निकले थे। ये लोग अलग-अलग सवारी से नागपुर हाइवे पहुंचे। वहां से कोई वाहन नहीं मिला, तो पैदल आगे बढ़ने लगे। 15 किलोमीटर आगे बढ़ने पर इन्हें एक टाटा मैजिक मिली। आगे चलकर गाड़ी का टायर फट गया और वह पलट गई।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नौ मई को एक सड़क हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई। नेशनल हाइवे-44 पर पाठा के पास आम से भरा एक ट्रक पलट गया। इस ट्रक में 20 मजदूर बैठे हुए थे। हादसे में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गए।
औरंगाबाद में रेल से कटकर 16 मजदूरों की मौत
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में आठ मई को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 16 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्यप्रदेश लौट रहे थे। वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें कुचल दिया।
पांच मई को इन सभी मजदूरों ने जालना से अपना सफर शुरू किया था। पहले ये सभी सड़क के रास्ते मध्यप्रदेश जा रहे थे लेकिन औरंगाबाद के पास पहुंचने के बाद उन्होंने रेलवे ट्रैक के करीब चलना शुरू कर दिया।