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Assam: 'मैं बहन को निकाल पाई, लेकिन चाचा फंसे हुए थे', गोलाघाट सड़क हादसे के घायलों ने सुनाई आपबीती

Wed, 03 Jan 2024 01:10 PM IST
श्वेता महतो एन. अर्जुन, गुवाहाटी

सार

बस में कुल 49 लोग मौजूद थे, जो नए साल की पिकनिक के लिए कमरबंधा से तिनसुकिया के तिलिंगा मंदिर और डिब्रूगढ़ के बोगीबील तक बस में यात्रा कर रहे थे।
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गोलाघाट में सड़क हादसा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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हम अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। बहुत जोर की आवाज आई और देखते ही देखते बस परखच्चों में तब्दील हो गई थी। देखा तो सामने से एक ट्रक ने बस को टक्कर मारी है। कुछ समय तक जो एक खुशी थी, वह कोहराम में बदल गई थी। सवारी चीखने-चिल्लाने लगे। लोग दर्द से कराह रहे थे। कई लोगों के शव बस में फंसे हुए थे। मैं किसी तरह से अपने को संभाला और सबसे पहले मेरा ध्यान बहन की तरफ गया। वह दर्द से कराह रही थी। किसी तरह से मैंने उसे निकाला और लेकिन कहते हुए सुबक पड़ी बस में सवार एक घायल युवती। उसने सुबकते हुए कहा, लेकिन मैं अपने चाचा को निकाल नहीं पाई।
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उल्लेखनीय है कि बुधवार सुबह ऊपरी असम के गोलाघाट जिले के डेरगांव के पास एक बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में पांच महिलाएं और एक नाबालिग लड़की है। 31 गंभीर रूप से घायलों में से दो सवारियों की हालत गंभीर बताई गई है।

बस में कुल 49 लोग मौजूद थे, जो नए साल की पिकनिक के लिए कमरबंधा से तिनसुकिया के तिलिंगा मंदिर और डिब्रूगढ़ के बोगीबील तक बस में यात्रा कर रहे थे। तभी असम के गोलाघाट जिले के डेरगांव के बालिजन के पास निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, राजमार्ग निर्माण प्राधिकरण ने 4-लेन सड़क पर एक मोड़ बनाया, जिसके कारण ट्रक "गलत लेन" में प्रवेश कर गया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, कोहरे की स्थिति ने मामले को और भी बदतर बना दिया है।
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दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं: डीसी
गोलाघाट के डीसीपी उदय प्रवीण ने कहा, हम दुर्घटना के कारण की जांच कर रहे हैं। हमने हाल ही में दिल्ली के सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की और एनएचडीसीएल ने हमें आश्वासन दिया कि राजमार्ग पर उचित साइनेज और अन्य सुधार कार्य एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज ऐसा हुआ, लेकिन पुलिस और अधिकारियों द्वारा जांच पूरी करने के बाद ही हम इस बारे में अधिक बता सकते हैं कि दुर्घटना कैसे हुई। घायलों को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया

अब तक 12 की मौत, दो की हालत गंभीर
पुलिस अधिकारियों ने बताया बस में कुल 49 लोग सवार थे। इनमें से अब तक (खबर लिखे जाने तक) 12 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें पांच महिलाएं और एक नाबालिग लडकी शामिल है। सात घायलों का इलाज ढेर गांव के अस्पताल में हो रहा है। जबकि 31 लोगों को जोरहाट मेडिकल कॉलेज लाया गया है। सभी का इलाज चल रहा है। कुछ लोगों को सामान्य चोटें आई हैं।
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