पानी की बर्बादी के लिए आईपीएल मुकाबलों को महाराष्ट्र से बाहर करने के फरमान के बावजूद दिल्ली के फिरोजशाह कोटला की पिच आरओ वाटर से तैयार हो रही है। पानी की बर्बादी की चिंता किए बिना डीडीसीए रोज शानो-शौकत से आरओ से शुद्ध किए हुए पानी को कोटला के मैदान और पिच को दुरुस्त रखने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। डीडीसीए ने पानी के शुद्धिकरण के लिए आरओ प्लांट कोटला में ही लगा रहा है।
इसी प्लांट का शुद्ध पानी पूरे स्टेडियम में सप्लाई किया जाता है। हालांकि डीडीसीए यह भूल गया है कि दिल्ली में पीने के पानी की भारी किल्लत है। हकीकत यह भी है कि आरओ प्लांट के जरिये जितना पानी शुद्ध होता है उतना इस प्रक्रिया में बर्बाद भी होता है।
सिर्फ आईपीएल मैचों के लिए लिए ही नहीं डीडीसीए के तहत कोटला को लंबे समय से आरओ प्लांट से ही पानी दिया जा रहा है। कोटला में लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले होते रहते हैं। ऐसे में मैदान और पिच को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना पानी डालने की जरूरत होती है। आरओ प्लांट का खनिज और लवण निकालकर शुद्ध किया हुआ पानी नियमित तौर पर कोटला में डाला जाता है।
डीडीसीए अध्यक्ष एसपी बंसल ने माना कि कोटला में पानी की सप्लाई आरओ प्लांट से होती है, लेकिन यह कब से हो रहा है इसका उन्हें ध्यान नहीं है। डीडीसीए ट्रेजरार रविंदर मनचंदा भी स्वीकार करते हैं कि देश में सूखे की स्थिति को देखते हुए कोटला में इस व्यवस्था को बंद किया जाना चाहिए।