भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिका के उप विदेश मंत्री रिचर्ड वर्मा ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में परिवर्तन का दौरा है। पहले के वर्षों के मुकाबले दोनों देश काफी करीब आए हैं। मंगलवार को 'इंडस-एक्स 2024' शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों पर खुलकर बोला है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने का मुझे हमेशा से सौभाग्य मिला है। भारत और अमेरिका के संबंध परिवर्तन के दौर में हैं। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। जब कभी मैं पिछली यात्राओं और चर्चा के बारे में सोचता हूं, तो मैंने पाया कि दोनों देश काफी करीब आ गए हैं। हर क्षेत्र में तेजी से विकास, विस्तार और परिणाम देखने को मिलते हैं।
अमेरिका से ज्यादा भारतीय छात्र यूएस में- रिचर्ड वर्मा
'इंडस-एक्स' शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत और अमेरिका के संबंधों पर रिचर्ड वर्मा ने कहा कि अतीत को देखकर कभी नहीं लगता कि हमारे संबंध इस दौर में भी पहुंच सकते हैं। नि:स्देह हमने संबंधों को बेहतर करीब लाया है। जितना करीब आज वर्तमान में हम हैं, इतना हम किसी युग में नहीं रहे हैं। लोगों के बीच जुड़ा के चलते अमेरिकी दूतावास अधिक वीजा जारी कर रहा है। अब हमारे पास यूएस में अधिक भारतीय छात्र हैं , जो लगभग 250,000 या अधिक छात्र हैं। ऐसा पहले कभी नहीं था। अगर मैं सन् 2000 से हमारी प्रगति को देखूं तो हमने हर एक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
संबंधों को दोनों देशों ने प्रगाढ़ किया- रिचर्ड वर्मा
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत हुआ है। दोनों पक्षों ने यहां तक पहुंचने के लिए कई कदम उठाए हैं। एक साल पहले जब हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने उभरती प्रौद्योगिकियों में यूएस-इंडिया पहल की उद्घाटन बैठक की थी, तो यह हम पर केंद्रित थी। दोनों देश रणनीतिक प्रौद्योगिकी और रक्षा औद्योगिक सहयोग में तेजी लाएंगे। औद्योगिक साझेदारी से पहले भी अमेरिका ने कई बार प्रयास किया था। इनमें से कुछ सफल हुए तो कुछ में विफलता मिली। लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने साझेदारी सहयोग को तीव्र किया।