डॉक्टरों के भारत की राष्ट्रपति को पत्र लिखने पर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि कोलकाता में जो हुआ वह नियंत्रण से बाहर है। अगर राष्ट्रपति और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल कार्यभार नहीं संभालते हैं तो नागरिकों द्वारा हिंसा हो सकती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि साठ दिन से अधिक हो गए हैं और वह इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ हैं।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है। सही मायनों में पश्चिम बंगाल में तानाशाही है और यही काम ममता बनर्जी के आने से पहले सीपीएम सरकार ने भी किया था। ममता बनर्जी ने भी उसी मॉडल को अपनाया और उसी रास्ते पर काम कर रही हैं। वे पश्चिम बंगाल के लोगों का अपमान कर रही हैं।