कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और व्यापक प्रदर्शन हुए थे।
आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर के पिता ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। निचली अदालत ने अपने आदेश में पीड़िता के वकीलों को आरजी कर में अपराध स्थल पर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
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याचिकाकर्ता ने दावा किया कि मुझे भरोसा है कि अपराध के वक्त हत्या और दुष्कर्म के दोषी संजय रॉय के साथ अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह की शुरूआत में उच्च न्यायालय की एकल पीठ के समक्ष होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की चूक का पता लगाने में न्यायालय की सहायता के लिए घटनास्थल की स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है। याचिका में अपील की गई है कि उनके वकील फिरोज एडुल्जी को छह जूनियर अधिवक्ताओं के साथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घटनास्थल पर दो घंटे के लिए जाने की अनुमति दी जाए। सियालदह अदालत के नौ जुलाई के उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें उनके वकीलों को घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
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बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और व्यापक प्रदर्शन हुए थे। इस मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। संजय रॉय पर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म करने और उसकी हत्या का आरोप लगा। जनवरी में सत्र अदालत ने संजय रॉय को हत्या और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।