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RG Kar Case: नौ अगस्त की रात क्या-क्या हुआ? आरजी कर के डॉक्टर ने कथित गड़बड़ियों को लेकर किया खुलासा

Tue, 03 Sep 2024 05:47 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

डॉ. तापस प्रमाणिक ने कहा कि पुलिस ने बताया कि अपराध रात के 10:10 मिनट पर हुआ, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र आधी रात के 12.44 बजे बना। मृतक के माता-पिता की अनुपस्थिति में वहां एचओडी या फिर प्रशासक को वहां होना चाहिए था।
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Dr. Tapas Pramanik - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच सीबीआई के पास है। इस घटना को लेकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के  एक डॉक्टर ने प्रतिक्रिया दी। डॉ. तापस प्रमाणिक ने नौ अगस्त की पूरी घटना को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त को घटना वाले दिन वह इमरजेंसी विभाग में ड्यूटी पर थे। डॉ. प्रमाणिक ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में कैसे मालूम चला। इस दौरान उन्होंने कहां क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं इस ओर भी इशारा किया। 
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डॉ. तापस प्रमाणिक ने कहा, "मैं उस दिन रात के आठ बजे से लेकर अगले दिन सुबह के आठ बजे तक ड्यूटी पर था। उस समय कुछ भी नहीं हुआ। इमरजेंसी में बहुत मरीज होने के कारण हम सब व्यस्त थे, इसलिए किसी को कुछ भी मालूम नहीं चला। रात के करीब 11:45 बजे मुझे ग्रुप पर इस घटना को लेकर एक मैसेज मिला। मैसेज में बताया गया कि महिला की मौत रात में हुई। मैंने मैडम और अन्य साथियों को उठाया। हमें मालूम चला कि चेस्ट विभाग में एक महिला की मौत हो गई और यह एक दुष्कर्म का मामला है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैडम ने हमें बताया कि चेस्ट विभाग के एचओडी उनके पास रात के 10 बजे आए थे। उन्होंने बताया कि उनके विभाग की एक पीजीटी छात्र की मौत हो गई। वह (मृतक) ड्यूटी पर थी और उसकी मृत्यु की पुष्टि करने का अधिकारी इमरजेंसी चिकित्सा अधिकारी के पास है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, शव को इमरजेंसी वॉर्ड में लाना चाहिए,  लेकिन यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए मैडम वहां शव देखने गईं। मैडम ने एचओडी को मृतक के परिवार को बुलाने के लिए कहा। इसके साथ इमरजेंसी वॉर्ड में आधार कार्ड लाने के लिए कहा गया, जिसके बाद ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उन सभी को इसके बाद मौत को कारणों और समय का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम कक्ष में जाना था। इसके बाद अरुण सर ने मैडम को मना कर दिया।"
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डॉ. तापस प्रमाणिक ने कहा, "पुलिस ने बताया कि अपराध रात के 10:10 मिनट पर हुआ, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र आधी रात के 12.44 बजे बना। मृतक के माता-पिता की अनुपस्थिति में वहां एचओडी या फिर प्रशासक को वहां होना चाहिए था। दो-तीन घंटे की देरी का कोई स्पष्टिकरण नहीं है। सेमिनार रूम का वायरल वीडियो भी है। उन दो-तीन घंटों में क्या हुआ, इसे जानने के लिए डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रिंसिपल का पीए घटनास्थल पर क्या कर रहा था, जब पुलिस पहले से ही वहां मौजूद थी? एक ही अस्पताल में होने के बावजूद मुझे समय पर घटना की जानकारी नहीं मिल पाई। बाद में कुछ अन्य अस्पताल के डॉक्टर भी घटनास्थल पर आए। ऐसा कैसे हो सकता है कि इतना बड़ा अपराध हुआ और किसी को कोई आवाज नहीं आई। ऐसे कैसे किसी को कुछ भी मालूम नहीं चला?"

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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