साल 2024 में ओडिशा में हाथियों और दूसरे जंगली जानवरों के हमलों में कुल 68 लोगों की मौत हुई। यह जानकारी राज्य के वन मंत्री गणेश राम सिंगखुटिया ने मंगलवार को विधानसभा में दी। भाजपा के विधायक अरुण कुमार साहू के लिखित सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि इन हमलों में लोगों के हताहत होने के अलावा 1,087 घर और 2315.79 एकड़ में फसलें भी नष्ट हो गईं।
एआई आधारित परियोजना का शुभारंभ
उन्होंने कहा कि सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ई-निगरानी परियोजना का शुभारंभ किया है। इस परियोजना के तहत चांदका वन प्रभाग के भरतपुर क्षेत्र, धेनकनाल के हिंदोल क्षेत्र और अंगुल के बंटाला क्षेत्र में पायलट आधार पर निगरानी की जाएगी।
किस वन प्रभाग में कितनी मौतें हुईं
मंत्री ने कहा, एआई की मदद से वन विभाग के अधिकारी जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और उसके अनुसार इंसानी बस्तियों को पहले ही सतर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा, धेनकनाल वन प्रभाग में सबसे ज्यादा 14 लोगों की मौत हुई है। जबकि कीनझर वन प्रभाग में आठ मौतें हुई हैं। इसी तरह, बोनाई और राउरकेल वन प्रभाग में प्रत्येक में छह-छह लोगों की जान गई है और अंगुल वन प्रभाग में पांच लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा अथागढ़ और बरीपड़ा वन प्रभाग में चार-चार लोगों की मौत की खबर है।
सरकार को 9168 शिकायतें मिलीं
उन्होंने बताया कि सरकार अब तक जंगली जानवरों के कारण नुकसान की 9,168 शिकायतें मिली हैं। सरकार ने 51.92 करोड़ रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। जिसमें से 4.19 करोड़ रुपये प्रभावित परिवारों को वितरित किए जा चुके हैं और 99.58 लाख रुपये के मुआवजे का वितरण होना अभी बाकी है।
20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा
मंत्री ने कहा कि खड़ी धान और अन्य अनाज फसलों के नुकसान के लए प्रति एकड़ 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वाणिज्यिक फसलों के लिए यह मुआवजा प्रति एकड़ 25 हजार रुपये है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग जंगली जानवरों के हमले में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान कर रहा है।