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SC तेलंगाना के CM से नाराज: 'सियासी दलों से पूछकर नहीं सुनाते फैसला, हमें सियासी प्रतिद्वंद्विता में न घसीटें'

Thu, 29 Aug 2024 04:24 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

देश की शीर्ष अदालत ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। दरअसल बीआरएस एमएलसी के. कविता की जमानत के लिए भाजपा और बीआरएस के बीच कथित सौदे की ओर इशारा करते हुए रेवंत रेड्डी ने टिप्पणी की है।
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Supreme Court - फोटो : PTI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की तरफ से शीर्ष अदालत के बारे में दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। जस्टिस बी आर गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सीएम रेवंत रेड्डी के बयानों की आलोचना की और टिप्पणी की कि एक संवैधानिक पदाधिकारी इस तरह से बोल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें किसी की आलोचना से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वे अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे। रेड्डी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सियासी लड़ाई में कोर्ट को घसीटना सही नहीं है। कोर्ट राजनीतिक दलों से पूछकर फैसले नहीं सुनाता। ऐसे बयान लोगों के मन में शंका पैदा करते हैं।
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'क्या हम किसी दल से परामर्श करके आदेश पारित करेंगे?'
सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ सवाल भी किया कि क्या वह किसी राजनीतिक दल से परामर्श करके आदेश पारित करेगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी और कहा कि अगर तेलंगाना के सीएम को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट का सम्मान नहीं है तो मुकदमा कहीं और भी चलाया जा सकता है। 

ऐसे बयान लोगों के मन में आशंका पैदा करते हैं- सुप्रीम कोर्ट
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर न्यायपालिका विधायिका में हस्तक्षेप नहीं करती है, तो उनसे भी यही अपेक्षा की जाती है। वहीं भारत राष्ट्र समिति नेता के. कविता को जमानत दिए जाने पर तेलंगाना के सीएम की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह के बयान लोगों के मन में आशंका पैदा कर सकते हैं। 
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दो दिन पहले ही तिहाड़ से रिहा हुई हैं के. कविता
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 के कैश-फॉर-वोट मामले को तेलंगाना से बाहर स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 2 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। बीआरएस नेता के. कविता दो दिन पहले ही जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा हुईं हैं। 
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