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रिटायर शिक्षिका ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, कहा अपने ही करते हैं अपमानित

Sat, 28 May 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंदौसी (संभल)
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प्रणब मुखर्जी को लिखा पत्र - फोटो : PTI
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उम्र के आखिरी पड़ाव पर अपनों से ही मिली रुसवाई और उपेक्षा के कड़वे घूंट से तंग आकर 79 साल की रिटायर्ड शिक्षिका उर्मिला रानी ने इच्छा मृत्यु मांगते हुए राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा -उम्र के आखिरी पड़ाव पर हूं। अपने ही मारते-पीटते और अपमानित करते हैं, मुझे मरने की इजाजत दीजिए महामहिम जी! अब उन्हें जवाब का इंतजार है। बेशक राष्ट्रपति भवन से इसका जवाब न में मिले अथवा न मिले, लेकिन इससे अपनों की उपेक्षा और अपमान की मारी उर्मिला रानी की दुर्दशा का पता तो लगता ही है।
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79 की हो चुकीं अविवाहित उर्मिला रानी उस उम्र में हैं जब अपनों के सहारे की अपेक्षा हर कोई करता है। संगीत प्रवक्ता के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने पुश्तैनी मकान में रहती है। अब उनका आरोप है कि उनके अपने ही उन्हें बेवजह परेशान करते हैं। उनके साथ मारपीट भी की जाती है। हद तो तब हो जाती है जब वह वृद्ध शिक्षिका के चरित्र पर उंगली उठाते है।

पूर्व में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उर्मिला देवी का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सम्मान पूर्वक नौकरी करते हुए गुजारा है। अब अपनों की प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं हो रही है। इसलिए ऐसी जिंदगी से तो मौत ही अच्छी है। उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेजकर राष्ट्रपति से कहा कि उनका उत्पीड़न बंद कराया जाए। ऐसा न होने पर इच्छा मृत्यु प्राप्ति की आज्ञा दी जाए।
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