माना जाता है कि विटामिन डी बच्चों की हड्डियों की मजबूती या कमजोरी के लिए महत्वपूर्ण है। यह उनके शरीर को भोजन से कैल्शियम और फॉस्फेट को अवशोषित करने में मदद करता है जो स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन यह सच नहीं है।
ताजा शोध में इस धारणा को पूरी तरह खारिज किया गया है। लंदन की चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक शोध में पाया गया है कि बच्चों में हड्डियों की मजबूती और टूटने का विटामिन डी की खुराक से कोई लेना देना नहीं। इस बात को सिद्ध करने के लिए लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड टी.एच. के नेतृत्व में एक क्लीनिकल ट्रायल किया गया।
शोध के निष्कर्ष हड्डियों के स्वास्थ्य पर विटामिन डी के प्रभाव से संबंधित धारणाओं को चुनौती देते हैं। उल्लेखनीय है कि द लांसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित यह अध्ययन, बच्चों में विटामिन डी सप्लीमेंट का अब तक का सबसे बड़ा नियंत्रित परीक्षण है।
यहां नहीं दिखते लक्षण
बच्चों में विटामिन डी को लेकर आमतौर पर यह धारणा प्रचलित कम विटामिन डी वाले कुछ बच्चों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन अधिकतर बच्चों को हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होता है। बहुत कम विटामिन डी हड्डियों को नरम कर सकता है, जिससे बच्चों में रिकेट्स और किशोरों-वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया हो सकता है।
रिकेट्स केवल तब होता है जब बच्चे बढ़ रहे होते हैं। यदि किसी बच्चे की हड्डियां कम विटामिन डी के कारण नरम हो जाती हैं तो हड्डियां मुड़ सकती हैं और 'बो लेग्स' या 'नॉक नीज' के साथ-साथ अन्य तरह से परिवर्तित भी हो सकती हैं।
विटामिन डी खुराक का हड्डियों से कोई ताल्लुक नहीं
शोध के निष्कर्ष के अनुसार वयस्कों को जब कैल्शियम दिया जाता है तो विटामिन डी सप्लीमेंट हड्डियों के टूटने की रोकथाम के लिए सबसे अच्छी तरह काम करता है। लेकिन इस परीक्षण में प्रतिभागियों को विटामिन डी के साथ कैल्शियम का सुझाव नहीं दिया गया है। शोध के निष्कर्ष यह बताते हैं कि बच्चों की हड्डियों की मजबूती या टूटने का विटामिन डी की खुराक से कोई लेना-देना नहीं है।
हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डॉ. गणमा दवासाम्बु के अनुसार विटामिन डी की कमी वाले बच्चों में हड्डियों के टूटने का खतरा या हड्डियों की मजबूती पर विटामिन डी के किसी भी प्रभाव का असर न होना सचमुच आश्चर्यजनक है।
पहली बार इसे शोध के जरिये समझने का प्रयास किया गया
शोध में कहा गया है कि लगभग एक तिहाई बच्चों में 18 वर्ष की आयु से पहले कम से कम एक बार हड्डी टूटने की घटना होती है। यह दुनिया भर में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। पहली बार इसे क्लीनिकल परीक्षण के जरिए समझने का प्रयास किया गया है।
8,851 बच्चों को दी खुराक
मंगोलिया में क्वीन मैरी और हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने यह सिद्ध करने के लिए एक क्लीनिकल परीक्षण किया कि क्या विटामिन डी सप्लीमेंट से हड्डियों के टूटने का खतरा कम होगा या हड्डियों की ताकत बढ़ेगी। 3 वर्ष तक मंगोलिया में रहने वाले 6 से 13 आयु वर्ग के 8,851 बच्चों को खुराक दी गई।