Rashtrapati Bhavan: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ये कई मायनों में एक ऐतिहासिक और यादगार क्षण है। शायद ही ऐसा कभी हुआ होगा कि दो देशों के नेता लगातार एक-दूसरे के देशों के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि रहे।
गणतंत्र दिवस की शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ये कई मायनों में एक ऐतिहासिक और यादगार क्षण है। शायद ही ऐसा कभी हुआ होगा कि दो देशों के नेता लगातार एक-दूसरे के देशों के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि रहे। भारत के आजादी हासिल करने के दो साल बाद आज ही के दिन दुनिया का सबसे बड़ा हाथ से लिखा हुआ संविधान लागू हुआ था।
उन्होंने आगे कहा, खानपान के मामले में हम अपनी-अपनी विशेषताओं से एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। जिस तरह फ्रांस में प्राचीन भाषा और वैदिक अध्ययन के दिग्गज विद्वान हैं। उसी तरह भारतीय छात्रों में फ्रांसीसी भाषा बहुत लोकप्रिय है। सिनेमा की ओर देखें तो वहां भी भारत और फ्रांस जुड़े हुए हैं।
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'प्रगति में दोनों गणतंत्रों का योगदान'
राष्ट्रपति ने आगे कहा, आज हम दुनिया के सामने एक साथ खड़े हैं। दोनों महान गणतंत्रों का मानव विकास में खास योगदान है। जो विचारों में आजाद, नीतियों में जिम्मेदार और दुनिया की जरूरतों के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी मित्रता की सहजता और हमारी साझेदारी की ताकत हमारे भविष्य की यात्रा को उज्जवल करेगी।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने क्या कहा
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, यह बहुत खुशी की बात है कि हम फिर से यहां आए हैं। पांच साल पहले अपनी राजकीय यात्रा और जी-20 की सफलता के पांच महीने बाद इस महत्वपूर्ण दिन का हिस्सा बनकर बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमारे सैनिक भी आपके साथ इस असाधारण क्षण का हिस्सा बनने पर बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं।