तेल से केमिकल (ओटूसी) कारोबार में कमजोरी और ऊंची ब्याज दर के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) का मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही में 11 फीसदी घटकर 16,011 करोड़ या प्रति शेयर 23.66 रुपये रहा है। एक साल पहले यह 17,955 करोड़ रुपये था। कंपनी पर कुल 1.26 लाख करोड़ रुपये का कर्ज रहा है।
मार्च तिमाही में इसका लाभ 19,299 करोड़ रहा था। कच्चे तेल की कीमतें और मार्जिन घटने से कंपनी का राजस्व 2.22 लाख करोड़ से घटकर 2.1 लाख करोड़ रुपये रहा। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस का मजबूत परिचालन व वित्तीय प्रदर्शन हमारे व्यवसायों के के लचीलेपन को दर्शाता है।
रिलायंस जियो का लाभ 12% बढ़कर 4,863 करोड़ रहा है। एक साल पहले यह 4,335 करोड़ था। राजस्व बढ़कर 24,042 करोड़ रहा। प्रति ग्राहक कमाई 178.80 रुपये से बढ़कर 180.5 रुपये हो गई है।शुद्ध मुनाफा 19 फीसदी बढ़कर 2,448 करोड़ रहा। इसके स्टोर की संख्या 18,040 से बढ़कर 18,446 हो गई है।
जेएसडब्ल्यू स्टील में तीन गुना उछाल
कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना बढ़कर 2,428 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले यह 839 करोड़ रुपये रहा था। वेदांता कंपनी का मुनाफा पहली तिमाही में 40 फीसदी गिरकर 2,640 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले यह 4,421 करोड़ रुपये था। राजस्व 13% घटकर 33,342 करोड़ रहा। कर्ज बढ़कर 73,484 करोड़ रुपये रहा। अशोक लेलैंड का मुनाफा 8 गुना बढ़कर 576 करोड़ रहा है। एक साल पहले यह 68 करोड़ था। राजस्व बढ़कर 8,189 करोड़ रुपये रहा।
डीएलएफ का फायदा 12 फीसदी बढ़ा
डीएलएफ का मुनाफा पहली तिमाही में 12 फीसदी बढ़कर 527 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 469 करोड़ रुपये था। अल्ट्राटेक कंपनी को 1,688 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले 1,584 करोड़ की तुलना में यह सात फीसदी अधिक है।
पेटीएम को मिला फायदा
वहीं, भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम ने जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने जून में मजबूत आय की घोषणा की। पेटीएम का भुगतान राजस्व सालाना आधार पर 31 फीसदी बढ़कर 1,414 करोड़ रुपये हो गया है। जून तिमाही में कंपनी का मर्चेंट पेमेंट वॉल्यूम सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 4.05 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी अपने व्यापारियों को मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करके अपने वाणिज्य और क्लाउड सेगमेंट में पेटीएम ऐप ट्रैफिक का मुद्रीकरण करना जारी रखती है।