इस बोली में भाग लेने वाली अन्य कंपनियों में फर्स्ट सोलर इंक और जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अवादा ग्रुप और रिन्यू एनर्जी ग्लोबल शामिल हैं। वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को एक विनिर्माण बिजलीघर में बदलने, अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार सृजित करने और विदेशी मुद्रा को खत्म करने वाले आयात को कम करने के उद्देश्य का हिस्सा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा पावर सहित कई कंपनियों ने सौर पैनल के विनिर्माण से जुड़ी 195 अरब रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन के लिए बोली लगाई है। चीन से सोलर पैनल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन की घोषणा की थी। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
इस बोली में भाग लेने वाली अन्य कंपनियों में फर्स्ट सोलर इंक और जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अवादा ग्रुप और रिन्यू एनर्जी ग्लोबल शामिल हैं। वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को एक विनिर्माण बिजलीघर में बदलने, अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार सृजित करने और विदेशी मुद्रा को खत्म करने वाले आयात को कम करने के उद्देश्य का हिस्सा है। सरकार देश की सौर मॉड्यूल बनाने की क्षमता को बढ़ाकर 90 गीगावाट तक ले जाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन दे रही है।
विनिर्माण कंपनियों की बिक्री में गिरावट
मुंबई। सूचीबद्ध विनिर्माण कंपनियों की बिक्री की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में घटकर 10.6 फीसदी रह गई। 2022-23 की दूसरी तिमाही में यह 20.9 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
आरबीआई के मुताबिक, सीमेंट को छोड़कर सभी विनिर्माण उद्योगों की बिक्री में गिरावट आई है। इसी तरह, सूचीबद्ध निजी गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री की वृद्धि दर 22.6 फीसदी से घटकर 12.7% रह गई। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में 19.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
एसबीआई घटाएगा यस बैंक में हिस्सेदारी
मुंबई। एसबीआई यस बैंक में हिस्सा घटा सकता है। इसने मार्च, 2020 में 49% हिस्सा लिया था। बाद में घटाकर 26.14% कर दिया था। आरबीआई के मुताबिक, एसबीआई अपना हिस्सा तीन साल से पूर्व नहीं घटा सकता है। यह अवधि 6 मार्च, 2023 को समाप्त हो रही है।
महाराष्ट्र में दो दर्जन से ज्यादा चीनी मिलें बंद
मुंबई। महाराष्ट्र में दो दर्जन से ज्यादा चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई जल्दी बंद कर दी है। पिछले साल इन्होंने अप्रैल में मिलों को बंद किया था। चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र शीर्ष पर है। मिलें जल्दी बंद होने से चीनी का उत्पादन कम हो सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि चीनी के कम उत्पादन से निर्यात पर असर पड़ सकता है। ऐसे मे ब्राजील और थाइलैंड को निर्यात बढ़ाने का मौका मिल जाएगा।