दिल्ली सरकार आजकल बहुत एक्टिव नजर आ रही है और अब वो फिर से दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। दिल्ली सरकार की महत्वकांक्षी योजना 'डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज' की शुरुआत हो गई है। 'डोर स्टेप डिलीवरी' योजना में आपके घर के दरवाजे पर मोबाइल-सहायक आएगा और फीस, कागजात के अलावा मशीन से फिंगरप्रिंट्स लेने की सुविधा घर पर मुहैया कराई जाएगी।
साथ ही इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और जनता को बिचौलियों से भी छुटकारा मिलेगा। इस योजना के तहत अभी 40 सर्विस शुरू की गई हैं। अगले महीने 30 और सेवाओं को इसमें जोड़ा जाएगा। दिल्ली सरकार का दावा है कि जनता को ऐसी सुविधा दुनिया के किसी भी देश में पहली बार मिल रही है।
देश में लड़कियां फियरलैस हों इससे अच्छी खबर क्या हो सकती है, और इसी ओर दिल्ली पुलिस ने यूनाइटेड सिस्टर फाउंडेशन के साथ मिलकर एक कदम उठाया। कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में आधी रात को महिलाओं ने बिना डरे दौड़ लगाई। यूनाइटेड सिस्टर फाउंडेशन और नई दिल्ली जिला पुलिस की ओर से ‘द फियरलैस रन’ नामक एक दौड़ का आयोजन हुआ।
इसमें संयुक्त आयुक अजय चौधरी के अलावा एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल व कई अन्य लोग मौजूद रहे। आधी रात को करीब पांच किलोमीटर की इस पिंकाथोन दौड़ में लगभग 200 महिलाओं ने भयमुक्त होकर हिस्सा लिया। आयोजकों की माने तो इस दौड़ के पीछे का मकसद महिलाओं में असुरक्षा की भावना को खत्म करके उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना था।
कई बार हताश होकर हम लोग मेहनत करना बंद कर देते हैं। लेकिन एक ऐसे शख्स हैं जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं लेकिन हार मानने को तैयार नहीं। बात 89 साल के स्वतंत्रता सेनानी शरणबसवराज बिसराहली की, जिन्होंने इस उम्र में पीएचडी परीक्षा दी है।
माना जा रहा है कि शरणबसवराज इस उम्र में ये परीक्षा देने वाले सबसे उम्रदराज कैंडिडेट्स में से एक हैं। शरणबसवराज कन्नड़ साहित्य में पीएचडी करने जा रहे हैं। इनका मानना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। हमें बस अपना लक्ष्य निर्धारित करके उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करनी चाहए, और उनका ये कदम लोगों के लिए प्ररेणा है।