रामलीला मैदान के पास पेट्रोल पंप पर बनाए गए धरना स्थल पर 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने मौजूदगी दर्ज कराई और मोदी सरकार के खिलाफ सीधा हमला बोला। राहुल ने कहा देश युवाओं, किसानों, महिलाओं ने मोदी जी के वादों पर भरोसा किया लेकिन चार साल में साफ दिखने लगा है कि उन्होंने क्या किया है। 70 साल में जो नहीं हुआ सचमुच उन्होंने चार सालों में कर दिखाया है। एक हिंदुस्तानी दूसरे लड़ रहा है। लोगों को धर्म, जाति और प्रदेशों में लड़ाने का काम हो रहा है। रुपया 70 सालों में कभी इतना कमजोर नहीं हुआ।
मोदी जी पूरे देश में घूमकर कहते थे देखो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। अब एक शब्द नहीं बोलते हैं। चार सौ रुपए का जगैस सिलेंडर आठ सौ में मिल रहा है। महिला सुरक्षा के नाम पर भाजपा के विधायक बलात्कार कर रहे हैं और पीएम एक शब्द नहीं बोलते हैं। देश उनके मुंह से सुनना चाहता है।
राहुल ने कहा स्वच्छ भारत के तहत टॉयलेट तो बनवाए गए लेकिन उनमें पानी नहीं है। आखिर कौन सी दुनिया में रहते हैं प्रधानमंत्री। भाषण देते रहते हैं जिन्हें देखकर जनता तंग आ चुकी है। किसानों को कर्जा माफ न करके एक उद्योगपति को 45 हजार करोड़ का लाभ कराते हैं। किसानों मजदूरों को रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है लेकिन 15-20 लोगों को रास्ता दिखा रहे हैं।
रॉफेल का कॉन्ट्रेक्ट एक मित्र को दिया। ये देश के युवाओं किसानों का पैसा है न तो नरेंद्र मोदी जी का है न उनके मित्र का है आपकी जेब से छीना गया है। उन्होंने किहा कि नोटबंदी के नाम पर पूरा कालाधन सफेद हो गया। जीएसटी को पांच अलग-अलग श्रेणी में रखा या है, छोटे और मझोले व्यापारी परेशान हैं लेकिन सच्चाई है कि पीएम कुछ नहीं कहते हैं।
Former pm manmohan singh
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने विपक्षी एकता को समय की मांग और छोटे-छोटे मुद्दों को छोड़कर साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को अब बदलने का मौका आने ही वाला है। इतना बड़ी संख्या में विपक्षी पार्टियों के एक मंच पर जुटने को महत्वपूर्ण सिचलसिला बता उन्होंने कहा कि इसका फायदा उठाकर ऐसी मुहिम लानी चाहिए कि जनता की पुकार सुनी जाए क्योंकि मोदी सरकार के तमाम काम देश के हित में नहीं किए थे। किसान, छोटे व्यापारी, नौजवानों समेत जनता से मोदी सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा करने में नाकाम हुई है। जरूरत इस बात की है तमाम राजनीतिक दलों को पुराने सिलसिलों को छोड़कर एक होकर छोटे-छोटे मुद्दों को पीछे रख देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को बचाने के लिए तैयार होना चाहिए।
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि मोदी सरकार कहती है कि 70 सालों में कुछ नहीं हुआ। देश में उत्पादकता और निर्यात बढ़ाने वालें मजदूरों का अपमान है देश की बेज्जती करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अटल बिहारी वाजपेयी जिंदा थे कोई नाम नहीं लेता था, उनके पास आता-जाता तक नहीं था। वाजपेयी ने देश को जो संदेश दिया है उसे अपना लें तो सच्ची श्रदजंलि होगी।
उन्होंने लोगों के हितों की रक्षा करने वाले राजनीतिक दलों देश की जनता को भरोसा दिलाने को कहा ताकि उनका समर्थन मिले और जनविरोधी हुकूमत से छुटकारा मिल सके। देशवासियों को बताएं कि देश गलत लोगों के हाथों में हैं। उन्होंने कहा कि हम रुकेंगे नहीं अगले चार-महीने हर राज्य की राजधानी में जाकर लोगों को सचेत और स्थिति स्पष्ट करने का काम करना होगा।
आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई लेकिन उसमें न तो पेट्रोल-डीजल न ही खाद, बीज और किसानों मुद्दों पर चर्चा हुई। भाजपा नेताओं का सिर्फ भाषण दिखाई देता और जनता की समस्याओं पर मौन हो जाते हैं। देश में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी समाधि से शुरू हुई हमारी यात्रा किसी पवित्र तीर्थ यात्रा से कम नहीं है।