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Ram Temple: राम मंदिर की 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह को लेकर राजनीति तेज, जानिए न्योते को लेकर किसने क्या कहा

Fri, 12 Jan 2024 04:41 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के न्योते को लेकर विपक्षी दल लगातार भाजपा पर आरोप लगा रहे है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भाजपा पर इस कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा दिया है। 
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ram mandir - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर तैयारी तेज हो गई है। 22 जनवरी को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए तमाम हस्तियों को आमंत्रण दिया गया है। कार्यक्रम के न्योते पर अब सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यक्रम के राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। 

शंकराचार्य नहीं जा रहे अयोध्या के कार्यक्रम में- श्रीनेत

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कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि चारों शंकराचार्यों ने अयोध्या नहीं जाने का फैसला लिया है, लेकिन इस पर तो किसी को कोई नाराजगी नहीं है। क्या इससे धर्म को ठेस नहीं पहुंचा। धार्मिक अनुष्ठानों पर राजनीति करना बिल्कुल गलत है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हम अयोध्या की यात्रा करने से मना नहीं कर रहे हैं। बस हम 22 जनवरी को होने वाले समारोह में शामिल नहीं होंगे, जहां पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मौजूद होंगे। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि हम बिल्कुल भी उस घृणित राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। 
 



हमने कभी नहीं किया राम का विरोध- वीरप्पा मोइली
इसी बीच, कांग्रेस के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि हम अयोध्या और राम का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं। हम सिर्फ उस कार्यक्रम का बहिष्कार कर रहे हैं, जिसका कमान पीएम मोदी संभाल रहे हैं। पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम राज धर्म का पालन नहीं करते हैं। वे सिर्फ चुनावी उद्देश्य को पूरा करने के लिए इसे राजनीतिक कार्यक्रम में बदल रहे हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों के चलते समारोह में शामिल होने में असमर्थ हैं। 
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कांग्रेस में अब कोई समझ नहीं बची- सर्बानंद सोनोवाल
राम मंदिर कार्यक्रम में कांग्रेस के शामिल न होने पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कांग्रेस विश्वास खो चुकी है। मेरा मानना है कि अगर उनमें थोड़ी सी भी समझ होती या भारती के लोगों के प्रति समर्पण की भावना होती, तो वे इस कार्यक्रम में जरूर शामिल होते। हम सब जानते हैं कि यह कार्यक्रम भारतीय के लिए सबसे बड़ा अवसर हैं। 
 

कांग्रेस आलाकमान का फैसला अनुचित- लक्ष्मण सिंह
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह राम ने कांग्रेस के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर पार्टी आलाकमान के फैसले को अनुचित करार दिया। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के बयान के बारे में पूछे जाने पर उनके भाई ने काह कि दिग्विजय सिंह 'ज्ञानी महापुरुष' हैं और मुझसे कहीं ज्यादा जानते हैं। मैं उनके बारे में कुछ नहीं बोल सकता।
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नकवी बोले, यह खास और ऐतिहासिक क्षण
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह ऐतिहासिक और खास है। खुद को मिले आमंत्रण पर उन्होंने कहा कि मैं इस ऐतिहासिक और खास कार्यक्रम पर आमंत्रित होने पर खुद को भाग्यशाली मानता हूं। उन्होंने कहा कि रामलला जी ने उन्हें अयोध्या धाम बुलाया है।

हमारे लिए बेरोजगारी, महंगाई मुद्दा- मल्लिकार्जुन खरगे
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल न होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैंने छह जनवरी को ही एक बयान दिया था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा है कि भाजपा इसे बार-बार क्यों ला रही है। हम नहीं चाहते बार-बार बोलने से किसी को ठेस पहुंचाएं। हमारे मुद्दे है कि पीएम मोदी ने महंगाई और बेरोजगार लोगों के लिए क्या किया है। 
 
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