असम के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने इस विधेयक को असम के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा, 'यह असम के लिए खतरनाक है, हम बांग्लादेश के पास हैं। यह नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति, विरासत और आबादी के ढांचे को बुरी तरह प्रभावित करेगा।'
विधेयक ने सर्वजन हिताय की भावना को मजबूत किया : नड्डा
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिल पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के पास होने पर मैं सदन के सदस्यों को बधाई देता हूं। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए इस बिल ने भारत की सभ्यता और सर्वजन हिताय की भावना को मजबूत किया है। इस बिल के लिए गृहमंत्री अमित शाह का हृदय से अभिनंदन करता हूं।'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'आज का दिन हमारे संविधान के लिए काला दिन है क्योंकि आज जो हुआ वह असंवैधानिक था। यह साफ तौर पर मुस्लिम समुदाय पर निशाना है, बहुत शर्मनाक है।'
धर्म के आधार पर लोगों को सताया नहीं जा सकता : राजनाथ
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान सभी इस्लामी राज्य, इस्लाम के अनुयायियों को धर्म के आधार पर सताया नहीं जा सकता। यह विधेयक केवल उन तीन देशों में धर्म के आधार पर सताए जा रहे लोगों को नागरिकता प्रदान करेगा।'
जनता दल (यू) द्वारा लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किए जाने पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि विधेयक लोगों से धर्म के आधार पर भेदभाव करता है। देर रात लोकसभा में विधेयक पर मतदान होने के बाद जब वह पारित हो गया तब किशोर ने इसे लेकर ट्वीट किया।
उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'जदयू के नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने से निराश हुआ। यह विधेयक नागरिकता के अधिकार से धर्म के आधार पर भेदभाव करता है। यह पार्टी के संविधान से मेल नहीं खाता जिसमें धर्मनिरपेक्ष शब्द पहले पन्ने पर तीन बार आता है। पार्टी का नेतृत्व गांधी के सिद्धांतों को मानने वाला है।”
विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए लोकसभा में जदयू के नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा था कि जदयू विधेयक का समर्थन इसलिए कर रही है क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ नहीं है।