जानलेवा कोरोनावायरस से प्रभावित चीन के वुहान प्रांत में फंसे पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर भारत ने बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा है कि अगर पाक सरकार से कोई अनुरोध करता है तो हम चीन में फंसे उसके नागरिकों के बारे में सोचेंगे।
चीन में पाकिस्तानी छात्रों के भारत से मदद मांगे जाने वाले वीडियो पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमें इसके बारे में पाकिस्तान सरकार से कोई अनुरोध नहीं मिला है। लेकिन, अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है और हमारे पास संसाधन होंगे तो हम इस पर विचार करेंगे।
याद रहे कि कोरोनावायरस से प्रभावित वुहान क्षेत्र में फंसे हजारों पाकिस्तानी छात्रों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से गुहार लगाई थी कि उन्हें यहां से बाहर निकाला जाए। छात्रों ने भारत का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें भी भारतीय नागरिकों की तरह एयरलिफ्ट किया जाए।
जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान-मलेशिया को फटकार
भारत ने पाकिस्तान-मलेशिया के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को लेकर फटकार लगाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज करता है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा, 'हम एक बार फिर मलयेशियाई नेतृत्व से अपील करते हैं कि उसे तथ्यों की बेहतर समझ विकसित करनी चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बना हुआ है , जो भारत के खिलाफ आंतकवादियों की भर्ती करता है। उन्हें प्रशिक्षण देता है और सीमा पार आतंकवाद को वित्तीय मदद उपलब्ध कराता है।'
पुर्तगाल के राष्ट्रपति करेंगे भारत का दौरा
पुर्तगाल के राष्ट्रपति और वियतनाम के उपराष्ट्रपति भारतीय दौरे पर आएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्केलो रेबेलो 13 से 16 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे। यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
वियतनाम के उपराष्ट्रपति आएंगे भारत
उन्होंने आगे कहा कि वियतनाम के उपराष्ट्रपति 11-13 फरवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर होंगे। यात्रा के दौरान, भारत और वियतनाम के बीच सीधी उड़ान की घोषणा की जा सकती है।
कोरोनावायरस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमने दो उड़ानों में 640 भारतीय नागरिकों और सात मालदीव के नागरिकों को चीन से निकालने में सफलता प्राप्त की है। रवीश कुमार ने कहा, यह एक जटिल ऑपरेशन था और हम इस अभ्यास के दौरान चीन सरकार द्वारा दिए गए समर्थन और सुविधा की सराहना करते हैं।
चीन के सभी मौजूदा ई-वीजा अब मान्य नहीं हैं। इसी तरह, सामान्य वीजा जो जारी किए गए हैं, वे भी अधिक समय तक वैध नहीं रहेंगे। जिनके पास भारत आने के लिए खास कारण हैं, वो वीजा के लिए आवेदन करने के लिए हमारे दूतावास या निकटतम वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वीजा प्रतिबंध केवल चीनी लोगों पर लागू होते हैं।
रवीश कुमार ने आगे कहा, भारत की यात्रा के लिए कुछ श्रेणियों के लिए ई-वीजा उपलब्ध हैं, राजनयिक उस श्रेणी में नहीं आते हैं। दूतावास में राजनयिक वीजा के लिए अनुरोध किया जा सकता है। इसलिए, राजनयिक प्रक्रिया इससे प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा, मुझे भारत और चीन के बीच किसी भी वाणिज्यिक उड़ान के संचालन पर भारत सरकार द्वारा लगाए गए किसी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है। एयरलाइंस अपने स्वयं के आकलन के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।