कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
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कर्नाटक में बंगलूरू के रामेश्वरम बम विस्फोट मामले में एनआईए की टीम ने शुक्रवार को दो मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें एनआईए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों को फॉरेंसिक साइंस लैब में रखा गया। वहां से आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है। जांच के बाद उन्हें एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
सीएम सिद्धारमैया ने किया जांच एजेंसी का धन्यवाद
रामेश्वरम कैफे विस्फोट के दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एनआईए का धन्यवाद किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं एनआईए और साथ में कर्नाटक पुलिस का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने आरोपियों को कोलकाता से पकड़कर बंगलूरू लेकर आए। अब जांच पूरी होने देते हैं।"
राज्य गृह मंत्री ने एनआईए की सराहना की
राज्य गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "हमने जांच शुरू कर दी है। सारे इनपुट एनआईए के साथ शेयर कर दिए गए हैं। पुलिस ने भी अच्छे इनपुट दिए। आरोपी ने जो टोपी पहनी थी, उसे चेन्नई से खरीदा गया था। वे कोलकाता के गांव में रह रहे थे। हमें नहीं मालूम कि उनका मकसद वहां से बांग्लादेश भागने का था। ऐसा लग रहा था कि वे कहीं भागना चाह रहे थे। अब यह देखना है कि दूसरी तरफ से कोई उनकी मदद कर रहा था या नहीं।"
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की सराहना करते हुए परमेश्वर ने कहा, "एनआईए ने शानदार काम किया। उनके साथ कर्नाटक पुलिस ने भी बहुत बढ़िया काम किया है। दोनों आरोपी कर्नाटक के रहने वाले हैं और दोनों साथ में पढ़ाई करते थे। मुझे बताया गया कि दोनों शिवमोगा जिले के तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं। हमें यह देखना है कि इनका किसी अन्य एजेंसी के साथ लिंक है या नहीं। माना जा रहा है कि ये दोनों इससे पहले हुए शिवमोगा विस्फोट में भी शामिल थे। वे तीन-चार साल से फरार थे। इस घटना के बाद उन्हें पकड़ लिया गया। अब जांच के बाद ही बाकी चीजों का खुलासा होगा।"