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राजनीति में राह चलते बतंगड़ खड़ा करते रहते हैं आजम खान

Thu, 25 Jul 2019 10:53 PM IST
अमर शर्मा शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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आजम खां - फोटो : amar ujala
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लोकसभा में अध्यक्ष के आसन पर बैठी सभापति रमा देवी के आंखों में आखें डालकर देखने की आजमा खान ने हसरत जताई और सदन हंगामें से भर गया। यह कोई पहला वाकया नहीं है जब आजम खान के बयान को लेकर चर्चा हो रही है। 14 अगस्त 1948 को जन्मे आजम खां 71 साल के हो गए हैं और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उत्तर प्रदेश में कई बार मंत्री रह चुके हैं और अपनी पार्टी का सबसे बड़ा मुस्लिम चेहरा हैं। आजम खान को जानने वाले कहते हैं कि यदि वह राजनीति में नहीं होते तो फिल्म में अभिनेता होते। दरअसल व्यंग, तंज, जहरबुझे तीर और अपने जोश से भरे संवाद के लिए जाने जाने वाले आजम खान की राह चलते संवाद से बतंगड़ खड़ा कर देने की आदत है।
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समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता आजम खान के करीबी हैं। वह कहते हैं कि नब्बे के दशक से वह आजम खान बहुत करीब से देख रहे हैं। आजम खान जो भी बोलते हैं, वह उनका सोचा-समझा संवाद होता है। आजम खान कोई भी वाक्य बिना समझे बूझे नहीं बोलते। रहा सवाल आजम के बयानों पर विवाद बढ़ने का तो वरिष्ठ समाजवादी नेता इसकी परवाह नहीं करते। 

पहले भी बोल चुके हैं विवादित बोल

आजमा खान ने लोकसभा में सभापति के आसन को लेकर जो टिप्पणी की, अमरावती (महाराष्ट्र) से सांसद नवनीत राणा उसे सही नहीं मानतीं। नवनीत राणा का कहना है कि आजमा खान ने सभापति के आसन पर बैठी रमा देवी को बहन जैसी बताया है, तो उन्हें प्यार के दो बोल बोलकर माफी मांग लेनी चाहिए थी। वह वरिष्ठ नेता हैं। भाजपा की महिला सांसदों ने भी आजम खान द्वारा लोकसभा में बोले गए वाक्य को अनुचित बताया है। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आजम खान से सदन में माफी मांगने की मांग की है। हालांकि आजम खान बिना माफी मांगे ही सदन से बाहर चले गए। 

आजम खान इससे पहले योगी आदित्यनाथ पर भी तरह-तरह की टिप्पणी कर चुके हैं। फिल्म अभिनेत्री और रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा का बिना नाम लिए उनके अंडरगारमेंट तक पर वह टिप्पणी कर चुके हैं। आजम खान 2017 में भाजपा के तत्कालीन सांसद को विवाह करने और अपनी पौरुष क्षमता का परीक्षण कराने की सलाह दे चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान का एजेंट बता चुके हैं।
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आजम ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी नहीं बख्शा। मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें (मुखर्जी) को आरएसएस की दावत कुबूल करने का ईनाम मिला है। इतना ही कुछ दिन पहले ही आजम खान ने कहा था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैसे लोगों ने उनके पुरखों को रोक लिया था, वरना सब पाकिस्तान चले गए होते।
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