इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा जिले में चार्जिंग स्टेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने जा रही है। सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिअंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) के साथ समझौता किया है।
इस समझौते के तहत नोएडा में तकरीबन 100 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले ईईएसएल का कहना है कि इस पहल से जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।
नोएडा के चेयरमैन आलोक टंडन का कहना है कि जब शहर में इतनी मात्रा में चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, तो इससे लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिये प्रेरित होंगे। उनका कहना है कि इस प्रयास से नोएडा में वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ग्रीन पीस साउथ ईस्ट एशिया की तरफ से किए गए एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण पूर्व एशिया के सबसे प्रदूषित शहरों में नोएडा छठे नंबर पर है। वायु प्रदूषण के मामले में सबसे खराब हालत वाले शुरुआत के 6 शहरों में नोएडा के अलावा एनसीआर के गुड़गांव, गाजियाबाद और फरीदाबाद का नाम शामिल है।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार भी राज्य में तिपहिया और दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठा रही है। सरकार प्रदेश भर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी है। लखनऊ सहित नौ बड़े शहरों व सात राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है।
इन चार्जिंग स्टेशनों को बनाने में आठ कंपनियों ने रुचि दिखाई है। वहीं प्रदेश ने राज्य में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए यूपीडा को नोडल एजेंसी बनाया है। जिसके तहत यूपीडा ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए एजेंसी का चयन करेगी।