भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 133वीं जयंती पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पंत सद्गुणों के प्रतीक थे। वह एक स्वतंत्रता सेनानी, एक प्रेरणादायक नेता और एक समाज सुधारक थे। उन्हें उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनकी निर्विवाद सेवाओं के लिए ही उन्हें 1957 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
सरकार ने कोविड-19 के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में औपचारिक माल्यार्पण समारोह आयोजित किए गए। अपने संदेश में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि पंडित पंत एक महान देशभक्त और राजनेता थे। उन्होंने राज्यों के पुनर्गठन में मुख्य भूमिका निभाई। समाज के गरीब और दलित वर्गों के उत्थान के प्रति उनका समर्पण कई लोगों के लिए प्रेरणादायक है।