भाई बहन के प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज के इस खास दिन पर सभी बहनें अपने-अपने भाइयों के कलाइयों पर राखी बांध रही हैं। रक्षाबंधन को लेकर देशभर के बाजारों में धूम है। त्योहार से सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई है। बाजारों में छोटी बड़ी, महंगी सस्ती, रंग बिरंगी राखियां सजी हुई हैं।
राष्ट्रपति ने भी रक्षा बंधन पर सभी देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि इस पर्व का उल्लास हमारे बीच भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए और हमें ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा दे जहां महिलाओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा और गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाता हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रक्षाबंधन के इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया, 'रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर देशवासियों और सुरक्षा बलों के वीर सैनिकों को शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हमारे सैनिक और उनके परिजन सुरक्षित, समृद्ध और सुखी रहें।'
रक्षा बंधन के पर्व पर बात सिर्फ राखी या धागे की होती है, लेकिन इस मौके पर भाई के माथे पर तिलक लगाना, मिठाई खिलाना और आरती उतारना भी त्योहार की कुछ महत्वपूर्ण रस्में हैं। इसके लिए बाजार में रक्षाबंधन की थाली भी उपलब्ध है, जिसमें राखी के अलावा तिलक के लिए अक्षत और चावल, सिर पर रखने के लिए कपड़ा, छोटा सा दीपक, कपूर और मुंह मीठा करने के लिए इलायची और मिसरी के पैकेट उपलब्ध हैं।
शास्त्रों में श्वेत चंदन, लाल चंदन, कुमकुम, भस्म आदि से तिलक लगाना शुभ माना गया है। हर रक्षाबंधन की तरह इस बार भी राखी बांधने के लिए पंडितों द्वारा शुभ मुहूर्त निकाला गया है। मान्यताओं के अनुसार रक्षा बंधन के दिन दोपहर में राखी बांधनी चाहिए। अगर इस दौरान बहन राखी ना बांध सके तो शाम को राखी बांध सकती है। वहीं, भद्र काल के दौरान राखी बांधना अशुभ माना जाता है।
रक्षाबंधन पर राखी बांधने का समय: सुबह 5 बजकर 59 मिनट से शाम 5 बजकर 25 मिनट तक (26 अगस्त 2018)
अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से शाम 4 बजकर 12 मिनट तक (26 अगस्त 2018)