सूत्रों ने कहा कि 'इंडिया' के दलों ने राज्यसभा के सभापति को नोटिस देकर गोयल की कुछ टिप्पणी के खिलाफ शिकायत की। गोयल न्यूज पोर्टल 'न्यूजक्लिक' को लेकर बोल रहे थे कि उसने चीनी प्रचार को फैलाने के लिए कथित तौर पर चीन से जुड़ी फर्मों से धन प्राप्त किया।
गोयल ने विपक्षी दलों और न्यूज पोर्टल 'न्यूजक्लिक' के बीच संबंधों पर सवाल उठाया। इस पोर्ट पर 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने चीन से जुड़ी फर्मों से धन प्राप्त करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में कहा, 'आज दोपहर एक बजे राज्यसभा में 'इंडिया' के दलों के नेताओं ने विपक्ष को 'देशद्रोही' कहने के लिए सदन के नेता पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया।' विशेषाधिकार हनन नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले कांग्रेस नेता ने कहा, 'सदन के पटल पर उनसे माफी मांगने से कम कुछ नहीं चलेगा।'
बाद में सदन में गोयल ने कहा कि वह ऐसे किसी भी शब्द को वापस लेते हैं जो संसदीय नहीं हो सकता है और उन्होंने सभापति से इसे रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया। सभापति ने कहा कि वह रिकॉर्ड देखेंगे और अगर कुछ असंसदीय है तो वह सदन के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि अगर कुछ भी असंसदीय है तो वह इसे हटा देंगे।
ब्रायन के निलंबन पर नहीं हुआ मतदान
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन के निलंबन को लेकर आज राज्यसभा में उस समय हंगामा हो गया जब सभापति ने पहले घोषणा की कि उन्हें सदन से हटना होगा लेकिन बाद में कहा कि उन्हें निलंबित करने के प्रस्ताव पर मतदान नहीं हुआ है और इसलिए वह कार्यवाही में शामिल होना जारी रख सकते हैं।
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्होंने उन्हें निलंबित करने के प्रस्ताव पर मतदान की अनुमति न देने का 'दूरदर्शी' निर्णय लिया है। सभापति ने इससे पहले सदन में अमर्यादित व्यवहार के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता को निलंबित करने की घोषणा की थी।
कांग्रेस के प्रमोद तिवारी सहित कई सदस्यों ने सभापति से ओ ब्रायन के मामले में नरम रुख अपनाने का आग्रह किया लेकिन सभापति ने पूछा कि उन्हें नरमी क्यों दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर ओ ब्रायन को इस सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया होता, तो क्या आपको लगता है कि उन्हें फिर से सदन में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती? क्या वह फिर से वापस आ सकते हैं?'
धनखड़ ने कहा कि उनके लिए किसी भी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई दुख का विषय है। उन्होंने कहा, 'मैंने अपना दुख खत्म कर दिया है, किसी ने ऐसा नहीं किया। यदि प्रस्ताव पूरी तरह से पारित हो जाता तो ओ ब्रायन फिर से सदन में प्रवेश नहीं कर सकते थे।