पेट्रोल-डीजल की महंगाई के विरोध में हंगामा, लोकसभा दो बार स्थगित
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि और अन्य मुद्दों के खिलाफ विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा में जमकर हंगामा किया। इस कारण सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्यवाही जैसे ही सुबह 11 बजे शुरू हुई कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टीआर बालू ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर चर्चा की मांग शुरू कर दी।
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने जब उनकी मांग को अनसुना करते हुए प्रश्नकाल जारी रखा तब कांग्रेस, द्रमुक, टीएमसी और वामपंथी दलों ने वेल में आकर हंगामा किया और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में विपक्ष के हंगामे में शिवसेना और एनसीपी के सदस्य भी शामिल हो गए। विपक्ष का विरोध लगातार जारी रहने के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
शून्यकाल के बाद भी नहीं चलने दिया सदन
शून्यकाल में दोबारा जब सदन की बैठक शुरू हुई तब सदन की अध्यक्षता कर रहे भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन, विपक्षी सदस्यों ने फिर से वेल में पहुंचकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
n शोर शराबे के बीच अग्रवाल ने दो बजे तक के लिए फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि पिछले दो हफ्ते में पेट्रोल की कीमत 9.20 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल 104.61 रुपये प्रति लीटर हो गया। वहीं, डीजल 95.87 रुपये प्रति लीटर हो गया।
राज्यसभा में दवा की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया
राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने पेट्रोल-डीजल और दवा की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए इस पर चर्चा कराने की मांग की। सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि कई सदस्यों ने नियम 267 के तहत पूर्व निर्धारित कार्य को रोककर कीमत वृद्धि पर चर्चा कराने का नोटिस दिया है। नायडू ने हालांकि विपक्ष की मांग को ठुकरा दिया।
नायडू ने कहा कि सदस्य इस मुद्दे को विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान उठा चुके हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर हर दिन चर्चा कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा को तैयार नहीं है। खरगे ने कहा, यदि आप हमें अवसर नहीं देंगे तो हम किस जगह बोलेंगे।
इस पर सभापति ने कहा कि कई सदस्य इन मुद्दों पर पहले अपनी बात कह चुके हैं। यदि कुछ सदस्य सदन को बाधित करेंगे तो सभापति के लिए क्या रास्ता रह जाएगा। टीएमसी के सुखेंदु शेखर रे ने कहा, यह सही है कि विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान महंगाई और कीमत वृद्धि पर कुछ बात हुई। फिर भी विपक्ष इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना चाहता है।
अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा रहे चीनी मोबाइल एप, संजय राउत ने उठाया मुद्दा
शिव सेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को राज्यसभा में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे चीनी मोबाइल एप का मुद्दा उठाया। शून्य काल के दौरान राउत ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई नकली नोट के जरिये भारत कीअर्थव्यवस्था को जितनी चोट पहुंचा रही है, उससे कहीं ज्यादा नुकसान चीन में बने ये मोबाइल एप पहुंचा रहे हैं। इनसे भारतीय लोगों का निजी डेटा देश के बाहर जा रहा है, अर्थव्यवस्था खोखली हो रही है। अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इसके खिलाफ कड़ी पाबंदियां लगाने की मांग की।
राज्यसभा में भी सीए बिल को मिली मंजूरी
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, कॉस्ट अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेट्रीज के कामकाज में बदलाव वाले बिल को राज्यसभा ने भी मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। प्रमुख विपक्षी दलों ने इस बिल में कमियां गिना कर इन संस्थानों की स्वायत्तता पर हमला बताया, वहीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इससे इनकी स्वायत्तता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लोकसभा ने इस संशोधन बिल को 30 मार्च को ही पारित कर दिया था।
वित्तमंत्री ने मंगलवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कॉस्ट अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेट्रीज (संशोधन) बिल-2022 को राज्यसभा में पेश किया। सदन ने विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए इसे ध्वनिमत से पास कर दिया। इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए खुद एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भाजपा सांसद सुरेश प्रभु ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि आईसीएआई ने ज्यादातर प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। प्रभु ने कहा कि इन तीनों संस्थानों की सेवाओं का निर्यात भी किया जा सकता है। बीजद सदस्य सुजीत कुमार ने भी बिल का समर्थन किया।
कानून बनने के बाद ये होंगे बदलाव
कानून के अमल में आने के बाद इन संस्थानों में गैर चार्टर्ड अकाउंटेंट, गैर कॉस्ट अकाउंटेंट और गैर कंपनी सेक्रेटरी को इनका अध्यक्ष बनाया जाएगा।
विपक्ष ने कहा-स्वायत्तता पर हमला
कांग्रेस, टीएमसी, द्रमुक और वाईएसआरसीपी ने बिल में खामियां बताते हुए इसका विरोध किया और कहा कि यह पेशेवर स्वायत्तता पर हमला है। चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद एल हनुमंतैया ने कहा कि बिल में कई कमियां हैं और इसे पारित करने से पहले उनमें सुधार किया जाए। टीएमसी सांसद मौसम नूर ने कहा कि बिल में आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। वाईएसआरसीपी के अयोध्यारामी रेड्डी ने कहा कि यह बिल तीनों पेशेवर संस्थानों की स्वायत्तता छीनने का प्रयास है।