राज्यसभा चुनाव में सबकी निगाहें राजस्थान और हरियाणा पर हैं। दोनों राज्यों की छह सीटों के लिए आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मीडिया जगत के दिग्गज सुभाष चंद्रा और कांग्रेस में रहे विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय के भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
सज गया मैदान
यूपी के आठ भाजपा उम्मीदवारों ने भरा पर्चा
उत्तर प्रदेश से भाजपा के आठ उम्मीदवारों ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन दाखिल करने वालों में पार्टी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के साथ मिथिलेश कुमार, राधा मोहन दास अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नागर, बाबूराम निषाद, दर्शन सिंह और संगीता यादव ने परचा भरा।
कांग्रेस नेता का सवाल.. : जो मोहल्ले का चुनाव नहीं जीत सकते उन्हें दे दिया राज्यसभा का टिकट
कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस महासचिव आशीष देशमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य विश्वबंधु राय ने प्रतापगढ़ी को उम्मीदवार बनाने पर सवाल उठाते हुए पूछा, उन्हें किन खूबियों के चलते राज्यसभा का टिकट दिया गया है। राय ने सोनिया को पत्र लिखकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा है कि जो मोहल्ले का चुनाव नहीं जीत सकते उन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया गया है।
कांग्रेस नेता हिंदू से करते हैं नफरत... कह आचार्य प्रमोद ने वापस लिया नाम
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंगलवार को यह कहते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेली कि कांग्रेस के कुछ नेता हिंदू से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा, जब ये लोग हिंदू शब्द से नफरत करते हैं तो एक धर्म गुरु को राज्यसभा कैसे भेज सकते हैं। इसलिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हूं। स्पष्ट किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, क्योंकि यह गांधी-नेहरू की पार्टी है।
मनीष बोले- राज्यसभा को पार्किंग लॉट बना दिया
कांग्रेस में बाहरी उम्मीदवारों के चयन को लेकर जारी आक्रोश में मंगलवार को मनीष तिवारी भी शामिल हो गए। कहा, राज्यसभा को पार्किंग लॉट बना दिया गया है। राज्यसभा ने संविधान में निहित जिम्मदोरियों का निर्वहन करना तो दशकों पहले ही बंद कर दिया है। अब यह सिर्फ एक पार्किंग लॉट की भूमिका में है। जहां पार्टियां अपने नेताओं को बिना किसी तर्क के बिठाती हैं।